
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह का पौड़ी मुख्यालय का दो दिवसीय दौरा विकास,संवाद और सांस्कृतिक सरोकारों के समन्वय का प्रतीक बनकर उभरा। इस दौरान राज्यपाल ने कंडोलिया रोड स्थित नवनिर्मित लाइब्रेरी का विधिवत उद्घाटन किया,जो आने वाले समय में क्षेत्र के युवाओं के लिए ज्ञान,अध्ययन और बौद्धिक विकास का एक सशक्त केंद्र साबित होगी। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा और पुस्तक संस्कृति किसी भी समाज की प्रगति की आधारशिला होती है। उन्होंने युवाओं को पुस्तकालयों से जुड़ने और ज्ञान के माध्यम से अपने भविष्य को सशक्त बनाने का आह्वान किया। इसी क्रम में उन्होंने लाइब्रेरी के सुदृढ़ीकरण हेतु 2 कंप्यूटर एवं 108 पुस्तकों का योगदान देने की घोषणा भी की,जिससे यहां आने वाले विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को विशेष लाभ मिलेगा। दौरे के दौरान सिद्धपीठ ज्वाल्पा देवी मंदिर से जुड़े आध्यात्मिक आयाम भी प्रमुखता से सामने आए। मंदिर के वरिष्ठ पुजारी आचार्य भाष्करानंद अणथ्वाल ने राज्यपाल को मां ज्वाल्पा देवी की पावन तस्वीर एवं प्रसाद भेंट कर आशीर्वाद दिया तथा उन्हें ज्वाल्पा धाम पधारने का सादर आमंत्रण भी प्रदान किया। इस अवसर पर धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी देखने को मिली। राज्यपाल ने अपने दौरे के दौरान युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनके विचार,समस्याएं और आकांक्षाएं सुनीं। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन,परिश्रम और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विधायक राजकुमार पोरी,जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया तथा नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। पौड़ी में राज्यपाल का यह दौरा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा,बल्कि यह शिक्षा,संस्कृति और युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया। नवनिर्मित लाइब्रेरी के रूप में मिला यह ज्ञान का केंद्र आने वाले समय में निश्चित ही क्षेत्र के बौद्धिक वातावरण को नई दिशा देगा और युवाओं के सपनों को पंख लगाने का कार्य करेगा।