
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक और सख्त और संदेशात्मक कार्रवाई करते हुए नशा तस्कर की अवैध कमाई से खरीदी गई कार को कुर्क कर दिया है। यह कार्रवाई न केवल तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर सीधा प्रहार है,बल्कि उन लोगों के लिए भी कड़ा संदेश है जो नशे के कारोबार को आसान मुनाफे का जरिया मानते हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ बहुआयामी रणनीति पर काम कर रही है। पुलिस का फोकस अब केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं,बल्कि उनकी पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करने और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने पर है। इसी क्रम में सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नशे के कारोबार से जुड़े हर पहलू-खरीद,बिक्री,परिवहन,वितरण और वित्तीय लेन-देन पर गहन नजर रखते हुए कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभियुक्त सुरेन्द्र सिंह अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह के रूप में अवैध गांजा तस्करी में संलिप्त था और इसी के जरिए बड़ी मात्रा में अवैध धन अर्जित कर रहा था। इस संबंध में थाना थलीसैंण में 6 मार्च 2026 को अभियोग पंजीकृत किया गया,जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक सुनील रावत थानाध्यक्ष पैठाणी को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने अभियुक्त के बैंक खातों और संपत्तियों का गहन विश्लेषण किया। इसमें यह तथ्य सामने आया कि गिरोह का सरगना सुरेन्द्र सिंह ने नशा तस्करी से अर्जित धन का उपयोग करते हुए एक मारुति अल्टो कार (UK19B-0695) खरीदी थी। इतना ही नहीं,तस्करी से प्राप्त धनराशि को UPI माध्यम से प्राप्त कर उसी से वाहन की फाइनेंस किश्तों का भुगतान भी किया जा रहा था। विवेचना में जुटाए गए ठोस साक्ष्यों ने स्पष्ट कर दिया कि उक्त वाहन सीधे तौर पर नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन का परिणाम है। पुलिस द्वारा संपूर्ण साक्ष्य संकलित कर जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को रिपोर्ट प्रेषित की गई, जिस पर 25 मार्च 2026 को जिलाधिकारी द्वारा उक्त वाहन को राज्य सरकार के अधीन जब्त/कुर्क करने के आदेश पारित किए गए। आदेश के अनुपालन में 29 मार्च 2026 को पुलिस टीम ने वाहन को विधिवत कुर्क कर थाना थलीसैंण में दाखिल कर दिया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी 9 दिसंबर 2023 को थाना थलीसैंण पुलिस ने सुरेन्द्र सिंह को इसी वाहन में 15 किलो गांजा परिवहन करते हुए गिरफ्तार किया था। अभियुक्त के विरुद्ध थाना थलीसैंण और धुमाकोट में विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं,जो उसके आपराधिक इतिहास को दर्शाते हैं। पुलिस की कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं है। इस मामले में शामिल अन्य अभियुक्तों की संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है,ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं वे भी नशा तस्करी से अर्जित धन से तो नहीं खरीदी गई हैं। पौड़ी पुलिस की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि अब नशा तस्करों के लिए न केवल जेल,बल्कि उनकी अवैध संपत्ति भी सुरक्षित नहीं है। जनपद में नशे के खिलाफ यह मुहिम लगातार तेज होती जा रही है,जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जा रहा है कि कानून का शिकंजा अब हर उस व्यक्ति तक पहुंचेगा जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।