
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। साहित्य और सृजन की धरती उत्तराखंड से एक और प्रतिभा ने अपनी लेखनी के दम पर प्रदेश स्तर पर पहचान कायम की है। युवा लेखक साईनी कृष्ण उनियाल को उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित युवा कलमकार प्रतियोगिता-2025 में यात्रा वृतांत विधा में प्रथम स्थान प्राप्त कर युवा कलमकार सम्मान से नवाजा गया। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और रचनात्मकता का परिणाम है,बल्कि गढ़वाल अंचल की साहित्यिक परंपरा को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली साबित हुई है। देहरादून में 31 मार्च को आयोजित एक गरिमामय समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित खजान दास तथा सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से साईनी कृष्ण उनियाल को 15 हजार रुपये की धनराशि,प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह का माहौल उत्साह गर्व और प्रेरणा से ओत-प्रोत रहा। यात्रा वृतांत जैसी गंभीर और अनुभवपरक विधा में प्रथम स्थान हासिल करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। साईनी कृष्ण उनियाल की लेखनी में पहाड़ की संवेदनाएं,संस्कृति और जीवन की सजीव झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है,जिसने निर्णायकों को गहराई से प्रभावित किया। सम्मान प्राप्ति के बाद साईनी कृष्ण उनियाल ने भावुक शब्दों में उत्तराखंड भाषा संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और आगे भी वे अपनी लेखनी के माध्यम से समाज,संस्कृति और पहाड़ की असल तस्वीर को सामने लाने का प्रयास करते रहेंगे। उनकी इस उपलब्धि पर श्रीनगर एवं आसपास के क्षेत्रों में हर्ष का माहौल है। स्थानीय लोगों साहित्य प्रेमियों और बुद्धिजीवियों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह सम्मान युवाओं को रचनात्मक लेखन की ओर प्रेरित करेगा। साईनी कृष्ण उनियाल की यह सफलता यह संदेश देती है कि यदि प्रतिभा को सही दिशा और मंच मिले तो वह सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़े मुकाम हासिल कर सकती है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है।