शिक्षा में नवाचार की ओर गढ़वाल विश्वविद्यालय अग्रसर-एक वर्षीय पीजी कोर्स और समयबद्ध सत्र से छात्रों को मिलेगा नया अवसर

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय एक बार फिर शैक्षणिक गुणवत्ता और नवाचार की दिशा में ठोस कदम बढ़ाता नजर आ रहा है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं द्वारा

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय एक बार फिर शैक्षणिक गुणवत्ता और नवाचार की दिशा में ठोस कदम बढ़ाता नजर आ रहा है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में विश्वविद्यालय की आगामी शैक्षणिक रणनीति,प्रवेश प्रक्रिया और छात्र हितों से जुड़े कई अहम फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। प्रो.गुसाईं ने स्पष्ट किया कि कोरोना काल के कारण प्रभावित हुए शैक्षणिक सत्र को अब पूरी तरह पटरी पर लाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले सत्र में सभी शैक्षणिक गतिविधियों को तय समयसीमा के भीतर संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है,जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो। प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में 8 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रवेश समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष,प्रशासनिक अधिकारी,संबद्ध कॉलेजों के प्रतिनिधि एवं बाह्य शिक्षाविद् भाग लेंगे,जहां प्रवेश से जुड़े नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे। इसके बाद 10 अप्रैल को होने वाली एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और अभिनव पहल करते हुए विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत इस वर्ष से स्नातक चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने जा रहा है। यह कदम न केवल छात्रों को तेजी से उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर करेगा,बल्कि उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक दौर में भी मजबूत बनाएगा। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं,वहीं पीएचडी प्रवेश परीक्षा को लेकर भी विश्वविद्यालय तेजी से कार्य कर रहा है। छात्र-छात्राओं के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगामी सत्र से स्वास्थ्य परीक्षण को अनिवार्य किया जाएगा,जिससे छात्रों की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति का समय-समय पर आकलन हो सके। सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर अंतर-संकाय एवं अंतर-महाविद्यालय शैक्षणिक व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन नवंबर माह तक कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे विश्वविद्यालय के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को नॉर्थ जोन स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इसी क्रम में 20 अप्रैल 2026 को भारतीय सेना द्वारा आयोजित 113 किलोमीटर की अल्ट्रा ट्रेल रन प्रतियोगिता सूर्य देवभूमि चैलेंज-2.0 का भव्य समापन श्रीनगर स्थित चौरास परिसर के प्रेक्षागृह में किया जाएगा। इस आयोजन में विश्वविद्यालय की ओर से प्रो.हरभजन सिंह चौहान को समन्वयक नियुक्त किया गया है,जो इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। प्रेसवार्ता के दौरान डीएसडब्ल्यू बोर्ड के सदस्य डॉ.नितिन सती,डॉ.अरुण बहुगुणा,डॉ.कपिल पंवार,डॉ.ओम प्रकाश तिवारी एवं जनसंपर्क अधिकारी आशुतोष बहुगुणा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय द्वारा उठाए जा रहे ये कदम स्पष्ट संकेत देते हैं कि अब गढ़वाल विश्वविद्यालय केवल परंपरागत शिक्षा तक सीमित नहीं रहकर आधुनिक,समयानुकूल और छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रणाली की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। आने वाला सत्र निस्संदेह छात्रों के लिए नई संभावनाओं और अवसरों के द्वार खोलेगा।

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