
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। चौरास परिसर स्थित शैक्षणिक क्रियाकलाप केंद्र में आयोजित प्रवेश समिति की बैठक कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई,जिसमें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करने और नई शिक्षा नीति के अनुरूप बदलावों को लागू करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर को स्वीकृति प्रदान की गई,जिससे आगामी सत्र की समस्त शैक्षणिक गतिविधियों का स्पष्ट खाका तैयार हो गया है। प्रवेश प्रक्रिया को लेकर लिए गए निर्णयों के अनुसार स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश अब राष्ट्रीय स्तर की सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) के माध्यम से किया जाएगा। वहीं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं आयोजित विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (यूईटी) कराई जाएगी,जिसकी प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। इसके साथ ही शोध स्तर पर प्रवेश के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा भी जल्द आयोजित करने पर सहमति बनी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को लागू करते हुए बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन विषयों में छात्र-छात्राएं चतुर्थ वर्ष में अध्ययनरत हैं,उनमें आगामी सत्र से एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इसके लिए सीटों का निर्धारण भी कर लिया गया है,जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसर मिल सकेंगे। साथ ही शोध कार्य को सुव्यवस्थित करने के लिए पीएचडी सीटों का रोस्टर भी स्वीकृत किया गया। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार आगामी सत्र से सभी छात्र-छात्राओं के लिए स्वास्थ्य परीक्षण (हेल्थ चेकअप) अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा,जो विश्वविद्यालय के पैनल में शामिल अस्पतालों एवं चिकित्सकों के सहयोग से सभी परिसरों और संस्थानों में इस व्यवस्था को लागू करेगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न पाठ्यक्रमों की शुल्क संरचना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में लिए गए सभी महत्वपूर्ण निर्णयों को आगामी 10 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली शैक्षणिक परिषद (एकेडमिक काउंसिल) की बैठक में अंतिम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष,टिहरी,पौड़ी एवं चौरास परिसरों के निदेशक,वित्त अधिकारी,कुलसचिव,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं,बाह्य सदस्य प्रो.सुधीर प्रताप सिंह,डीडब्ल्यूटी कॉलेज देहरादून की प्राचार्य प्रो.आरती दीक्षित तथा बीएसएम स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरिद्वार के प्राचार्य डॉ.गौतमवीर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। गढ़वाल विश्वविद्यालय द्वारा लिए गए ये निर्णय न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाले हैं,बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास-शैक्षणिक,शोध एवं स्वास्थ्य-तीनों पहलुओं को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।