पोषण से सशक्त भविष्य की ओर कदम-जनपद पौड़ी में पोषण पखवाड़ा बना जन-जागरूकता का महाअभियान

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में स्वास्थ्य और पोषण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में पोषण पखवाड़ा का आयोजन पूरे उत्साह

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में स्वास्थ्य और पोषण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में पोषण पखवाड़ा का आयोजन पूरे उत्साह और जनभागीदारी के साथ किया जा रहा है। 9 से 28 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत जिले के समस्त बाल विकास परियोजनाओं में विविध थीम आधारित गतिविधियों के माध्यम से पोषण के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाई जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जन्म से 6 वर्ष तक के बच्चों के समग्र शारीरिक एवं मानसिक विकास को सुनिश्चित करना,गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना तथा आमजन को संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। विशेष रूप से सुनहरे 1000 दिन की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विकास खंड खिर्सू के मरखोड़ा आंगनबाड़ी केंद्र में भी पोषण पखवाड़ा विशेष उत्साह के साथ आयोजित किया गया,जहां यह केंद्र जन-जागरूकता का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा। यहां सुनहरे 1000 दिन एवं मातृ-शिशु पोषण के महत्व पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए,जिसमें गर्भवती एवं धात्री महिलाओं,बच्चों तथा अभिभावकों को संतुलित आहार,नियमित टीकाकरण,स्वच्छता एवं स्वस्थ दिनचर्या के प्रति जागरूक किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घरेलू पोषण एवं बच्चों के समग्र विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गई,वहीं स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को जनआंदोलन का रूप प्रदान किया। बाल विकास परियोजना थलीसैंण के अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्र रिस्ती, पाटौं एवं जखोला में सुनहरे 1000 दिन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। आंगनवाड़ी केन्द्र रिस्ती में बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटक के माध्यम से जंक एवं पैकेट फूड के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए पौष्टिक भोजन अपनाने का संदेश दिया गया। आंगनवाड़ी केन्द्र पाटौं एवं जखोला में अभिभावकों,गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा स्कूली बच्चों को पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। साथ ही बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित करने तथा उन्हें रचनात्मक एवं शारीरिक गतिविधियों में अधिक संलग्न रखने के सुझाव दिए गए। इसी क्रम में बाल विकास परियोजना कोट के अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्र फलस्वाड़ी एवं खोला में मां एवं बच्चे का पोषण विषय पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कर उन्हें संतुलित आहार,नियमित स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण के प्रति प्रेरित किया गया। परियोजना बीरोंखाल में एएनएम द्वारा टीकाकरण के महत्व पर जानकारी दी गई,जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा खेल आधारित गतिविधियों के लाभों से अवगत कराया गया। वहीं परियोजना कल्जीखाल के अंतर्गत खाल्यूं,सैनीखाल एवं पणिया केंद्रों में जंक फूड एवं अत्यधिक मोबाइल उपयोग के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। सभी कार्यक्रमों में अभिभावकों,ग्राम प्रधानों,आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की सक्रिय सहभागिता रही,जिससे यह अभियान जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि पोषण पखवाड़ा के माध्यम से जनपद में स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है,जो आने वाले समय में कुपोषण के खिलाफ एक सशक्त अभियान सिद्ध होगा। स्पष्ट है कि पोषण पखवाड़ा अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि स्वस्थ समाज की दिशा में सामूहिक जनभागीदारी का सशक्त माध्यम बन चुका है,जो आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख रहा है।

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