
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनगणना-2027 को सफल,पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है।जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्व-गणना अभियान की प्रगति का गहन मूल्यांकन करते हुए स्पष्ट संदेश दिया गया कि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं,बल्कि देश की विकास योजनाओं,नीतिगत निर्णयों और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण की आधारशिला है। ऐसे में इसकी शुद्धता,पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में जनगणना के प्रथम चरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए उप जिलाधिकारियों से क्षेत्रवार रिपोर्ट ली गई। जिन क्षेत्रों में कार्य की गति धीमी पाई गई,वहां विशेष अभियान चलाकर तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नियमित निगरानी और जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय से ही लक्ष्य समय पर प्राप्त किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने स्व-गणना की व्यवस्था को जनगणना प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि इससे नागरिक स्वयं se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत होगी,बल्कि आंकड़े सीधे डिजिटल रूप में दर्ज होने से त्रुटियों की संभावना भी न्यूनतम रहेगी। उन्होंने नागरिकों को इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों,स्वयं सहायता समूहों,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठनों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए,ताकि प्रत्येक नागरिक स्व-गणना की प्रक्रिया को समझे और उसमें सक्रिय भागीदारी करे। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि प्रगणकों और सुपरवाइजरों के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जाए,उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए तथा उन्हें आवश्यक तकनीकी और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित कार्मिक ही इस महत्वपूर्ण कार्य को दक्षता के साथ संपादित कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में शत-प्रतिशत सीमांकन का कार्य पूर्ण हो चुका है,वहां बिना विलंब आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही पेपर शेड्यूल के माध्यम से संकलित आंकड़ों को समयबद्ध तरीके से पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए,जिससे डेटा की एकरूपता बनी रहे। उन्होंने 25 अप्रैल से 24 मई तक विशेष रूप से जनगणना कार्य की सतत निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि इस अवधि में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति छूटे नहीं और किसी प्रकार की पुनरावृत्ति न हो। जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वयं स्व-गणना करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे वे प्रक्रिया को बेहतर समझ सकेंगे और आमजन का प्रभावी मार्गदर्शन कर पाएंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित है और नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखा जाता है। बैठक के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी और ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी द्वारा स्व-गणना की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया,जिससे उपस्थित लोगों को इसकी कार्यप्रणाली समझने में मदद मिली। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी,जिला खनन अधिकारी अंकित मुयाल,जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अंशुल बिष्ट,अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। स्पष्ट है कि जनगणना-2027 को लेकर प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ जुटा हुआ है। अब जनसहभागिता और तकनीक के समन्वय से यह प्रक्रिया न केवल तेज होगी,बल्कि अधिक सटीक और प्रभावी भी साबित होगी।