क्लस्टर खेती और मनरेगा कन्वर्जेंस से आजीविका योजनाओं को मिलेगी गति–मुख्य विकास अधिकारी

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन को नई दिशा देने के लिए प्रशासन ने अब रणनीतिक और परिणाममुखी पहल तेज कर दी है। मुख्य

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन को नई दिशा देने के लिए प्रशासन ने अब रणनीतिक और परिणाममुखी पहल तेज कर दी है। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने विकास भवन सभागार में आयोजित मासिक स्टाफ बैठक में स्पष्ट संकेत दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अब ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं होगी। उन्होंने विभागीय समन्वय,पारदर्शिता और नवाचार को विकास की आधारशिला बताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि कृषि,उद्यान,पशुपालन और मत्स्य जैसे आजीविका से जुड़े विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर योजनाओं को धरातल पर तेजी से उतारना होगा। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इन विभागों के साथ समन्वय बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाएं और आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम उठाएं। विशेष रूप से समूह आधारित गतिविधियों के माध्यम से क्लस्टर खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर विकासखंड स्तर पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर कार्ययोजना तैयार की जाए और उसे शीघ्र क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने नवाचार आधारित कृषि को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए ड्रैगन फ्रूट,मशरूम जैसे उत्पादों के उत्पादन के लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक और लाभकारी फसलों को अपनाकर ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है। बैठक में यह भी तय किया गया कि विभागीय समन्वय को मजबूत करने के लिए प्रत्येक माह कम से कम दो बार बैठकें आयोजित की जाएं और उनकी कार्यवाही तीन दिन के भीतर विकास भवन को उपलब्ध कराई जाए। इससे योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी संभव हो सकेगी। मुख्य विकास अधिकारी ने साफ कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सर्वोपरि है। लाभार्थियों का चयन निष्पक्ष,सत्यापन आधारित और पात्रता के अनुरूप होना चाहिए,ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का गहन परीक्षण कर ही उन्हें अग्रसारित करें। साथ ही मनरेगा कन्वर्जेंस के तहत प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर प्रस्तुत कर वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में मनरेगा,राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन,राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन,मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना और प्रोजेक्ट उन्नति जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं में समयबद्ध प्रगति और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर परियोजना निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण विवेक कुमार उपाध्याय,जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर,मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी,अग्रणी जिला प्रबंधक किशन रावत,परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान कुलदीप बिष्ट,मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा सहित सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब जनपद में विकास कार्य केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रहेंगे,बल्कि धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ग्रामीणों के जीवन स्तर में वास्तविक बदलाव लाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगे।

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