
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। विद्यार्थियों में आपदा के प्रति जागरूकता विकसित करने तथा विपरीत परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार को सशस्त्र सीमा बल के केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र श्रीनगर गढ़वाल द्वारा केंद्रीय विद्यालय सशस्त्र सीमा बल परिसर में विद्यालय सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन उप-महानिरीक्षक सुभाष चंद नेगी के मार्गदर्शन में त्वरित प्रतिक्रिया दल द्वारा किया गया,जिसमें छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को भूकंप,बाढ़ तथा अग्निकांड जैसी प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी,बल्कि व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से भी विद्यार्थियों को यह बताया कि आपदा आने पर घबराने के बजाय किस प्रकार संयम,सतर्कता और सूझबूझ के साथ स्वयं को सुरक्षित रखते हुए दूसरों की सहायता की जा सकती है। भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान का चयन,अग्निकांड की स्थिति में भवन से सुरक्षित निकासी तथा बाढ़ जैसी आपदाओं के समय बरती जाने वाली सावधानियों का चरणबद्ध अभ्यास भी कराया गया। प्रशिक्षण दल ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया,सुरक्षित निकासी,प्राथमिक सुरक्षा उपाय तथा सामूहिक समन्वय के महत्व से अवगत कराया। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी आपदा में घबराहट के बजाय जागरूकता,अनुशासन और समय पर लिया गया सही निर्णय कई अनमोल जीवन बचा सकता है। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने सशस्त्र सीमा बल के इस जनहितकारी अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की किसी भी आपदा का सामना करने के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार करते हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना,संकट की घड़ी में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करना तथा सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया से सभी को भली-भांति परिचित कराना था। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने आपदा के समय सजग,अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।