अंतरराष्ट्रीय शोध सम्मान से एनआईटी उत्तराखंड का बढ़ा गौरव-शोधार्थी तनुजा खाती और डॉ.स्मिता कलोनी ने वैश्विक मंच पर लहराया परचम

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एनआईटी उत्तराखंड ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट शोध क्षमता का परचम लहराते हुए वैश्विक शैक्षणिक जगत में नई पहचान स्थापित

📘 इन्हें भी पढ़ें

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एनआईटी उत्तराखंड ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट शोध क्षमता का परचम लहराते हुए वैश्विक शैक्षणिक जगत में नई पहचान स्थापित की है। संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की शोधार्थी तनुजा खाती तथा उनकी शोध-पर्यवेक्षक डॉ.स्मिता कलोनी को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आईसीई प्रकाशन फ्रेडरिक पामर पुरस्कार प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि न केवल एनआईटी बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय बन गई है। यह प्रतिष्ठित सम्मान शोध-पत्र ध्वनिक-संरचनात्मक विश्लेषण की संयुक्त तकनीक से कंक्रीट गुरुत्वीय बांधों के विफलता विश्लेषण पर आधारित शोध के लिए प्रदान किया गया है,जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिका सिविल इंजीनियर्स संस्थान-संरचनाएं एवं भवन में प्रकाशित किया गया है। इस शोध ने जल संरचनाओं की सुरक्षा एवं आपदा जोखिम प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शोध में पानी के भीतर होने वाले विस्फोटों का कंक्रीट गुरुत्वीय बांधों पर पड़ने वाले प्रभावों का उन्नत संख्यात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। अध्ययन के लिए महाराष्ट्र स्थित कोयना बांध को आधार बनाते हुए विस्फोट की तीव्रता,गहराई तथा जलाशय के जल स्तर का बांध की संरचनात्मक सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया गया। शोध के निष्कर्ष देश की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं,बांधों एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने में उपयोगी सिद्ध होंगे। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान उन शोध कार्यों को प्रदान किया जाता है जो मौलिकता,तकनीकी उत्कृष्टता और समाजोपयोगी उपयोगिता के उच्च मानकों पर खरे उतरते हैं। फ्रेडरिक पामर पुरस्कार संरचनात्मक इंजीनियरिंग एवं आधारभूत संरचना अनुसंधान के क्षेत्र में विश्व के प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है। एनआईटी उत्तराखंड का सिविल इंजीनियरिंग विभाग संरचनात्मक इंजीनियरिंग,भूकंप इंजीनियरिंग,भू-तकनीकी इंजीनियरिंग,परिवहन अवसंरचना तथा सतत विकास जैसे विषयों पर निरंतर उच्च स्तरीय अनुसंधान कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि संस्थान की शोध संस्कृति को और अधिक सशक्त करेगी तथा युवा शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचार आधारित अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगी। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर करुणेश कुमार शुक्ला ने शोधार्थी तनुजा खाती एवं डॉ.स्मिता कलोनी को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान एनआईटी उत्तराखंड में हो रहे विश्वस्तरीय शोध का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी संस्थान के शोधकर्ता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल कर संस्थान तथा देश का गौरव बढ़ाएंगे। इस अवसर पर अनुसंधान एवं परामर्श अधिष्ठाता डॉ.धर्मेंद्र त्रिपाठी, नियोजन एवं विकास अधिष्ठाता प्रो.विवेक श्रीवास्तव तथा कुलसचिव हरि मोल आजाद सहित संस्थान के अनेक शिक्षकों एवं अधिकारियों ने भी शोधार्थी और शोध-पर्यवेक्षक को बधाई देते हुए इसे एनआईटी उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। यह सफलता उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान,नवाचार और वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करती है।

नवीनतम समाचार – Dainik Himalya Times

नवीनतम समाचार

Loading...