3.5 करोड़ से संवरेगा श्रीनगर का ज्ञान मंदिर-आधुनिक लाइब्रेरी से युवाओं को मिलेंगे शिक्षा और अवसरों के नए पंख

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक नगरी श्रीनगर में शिक्षा और अध्ययन की सुविधाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक नगरी श्रीनगर में शिक्षा और अध्ययन की सुविधाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मंगलवार को उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ.धन सिंह रावत ने लगभग 3.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली आधुनिक लाइब्रेरी का श शिलान्यास किया। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह पुस्तकालय विद्यार्थियों,युवाओं,प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों तथा अध्ययन के प्रति रुचि रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की बात कही गई है। इस अवसर पर डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि प्रस्तावित आधुनिक पुस्तकालय नई पीढ़ी के लिए वरदान साबित होगा। उनका कहना था कि श्रीनगर में ऐसी शैक्षणिक सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है,जिससे यहां के विद्यार्थियों और युवाओं को अध्ययन के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो। पुस्तकालय में विभिन्न विषयों से संबंधित हजारों पुस्तकें उपलब्ध कराने के साथ लोगों को निःशुल्क अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर को शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक मजबूत बनाने के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। आधुनिक पुस्तकालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका लाभ केवल श्रीनगर शहर तक सीमित न रहकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और पूरे गढ़वाल क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी मिलने की उम्मीद है। डॉ.रावत ने कहा कि उनका प्रयास है कि जो सुविधाएं देहरादून और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध हैं,उन्हें श्रीनगर में भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण,अध्ययन की सुविधाएं और आवश्यक संसाधन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगे तो उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए अनावश्यक रूप से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं अध्ययन के बेहतर संसाधनों का विकास गढ़वाल क्षेत्र में पलायन की चुनौती को कम करने की दिशा में भी सहायक हो सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क अध्ययन की सुविधा विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है। प्रस्तावित लाइब्रेरी को श्रीनगर में विकसित हो रहे शैक्षणिक वातावरण की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। शहर में पहले से ही उच्च शिक्षण संस्थानों की मौजूदगी के बीच आधुनिक पुस्तकालय विद्यार्थियों को शांत,व्यवस्थित और अध्ययन-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पुस्तकालय में विभिन्न विषयों की पुस्तकों के साथ विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अध्ययन की बेहतर व्यवस्था विकसित किए जाने की बात कही गई है। इससे विद्यालयी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को एक ही स्थान पर अध्ययन का वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। डॉ.रावत ने कहा कि इस प्रकार की सुविधाओं के निर्माण का उद्देश्य केवल भवन तैयार करना नहीं,बल्कि युवाओं को ज्ञान,शिक्षा और अवसरों से जोड़ने के लिए स्थायी व्यवस्था खड़ी करना है। कार्यक्रम के दौरान डॉ.धन सिंह रावत ने अवकाश प्राप्त कर्मचारी संगठन के भवन का भी शिलान्यास किया। लगभग 10 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस भवन को संगठन से जुड़े सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए उपयोगी सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दौरान भवन में वातानुकूलित सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बैठकों,सामाजिक गतिविधियों एवं संगठनात्मक कार्यों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके साथ ही कार्यक्रम में गढ़देवा का शुभारंभ भी किया गया। विभिन्न विकास कार्यों के शुभारंभ एवं शिलान्यास से श्रीनगर क्षेत्र में विकास गतिविधियों को गति देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मेयर आरती भंडारी,मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल,जिला महामंत्री गणेश भट्ट,शुभम प्रभाकर,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शशि जुयाल,सीमा भंडारी,अवकाश प्राप्त कर्मचारी संगठन के पूर्व अध्यक्ष गणेश प्रसाद टम्टा,सुरेश चन्द्र मैठानी,उपाध्यक्ष जे.पी.काला,सचिव दीनबंधु सिंह चौहान,पी.सी.नोडियाल,रामेश्वर पुरी,विमल प्रसाद बहुगुणा,प्रेम बल्लभ नैथानी,यमुना प्रसाद काला,राजा राम जोशी,अर्जुन सिंह बिष्ट,पूर्व जिला पंचायत सदस्य लखपत भंडारी,पार्षद रमेश रमोला,अजब सिंह रावत सहित अनेक गणमान्य लोग,पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। श्रीनगर में आधुनिक लाइब्रेरी के निर्माण की पहल को क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक सुविधा के रूप में देखा जा रहा है। यदि प्रस्तावित योजना के अनुरूप पुस्तकालय में पर्याप्त पुस्तकें,अध्ययन की सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाता है,तो यह आने वाले समय में श्रीनगर की शैक्षणिक पहचान को और मजबूत करने वाली उपयोगी आधारभूत सुविधा बन सकती है।

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