
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। सामाजिक,सांस्कृतिक एवं धार्मिक चेतना के लिए निरंतर कार्यरत भागीरथी कला संगम के तत्वावधान में रविवार प्रातः कीर्तिनगर स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक ढुंढप्रयाग घाट पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान का शुभारंभ संस्था के सदस्यों द्वारा ढुढेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना के साथ किया गया। सुबह 6 बजे से प्रारंभ हुए इस अभियान में संस्था के सदस्यों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भाग लेते हुए घाट परिसर एवं आसपास फैली गंदगी को साफ किया। स्वयंसेवकों ने घाट क्षेत्र में बिखरे प्लास्टिक,कूड़ा-कचरा एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्र कर निर्धारित कूड़ेदानों में डाला तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया। इस अवसर पर संस्था के निर्देशक मदन गड़ोई ने कहा कि ढुंढप्रयाग घाट केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं,बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रतीक है। इसकी स्वच्छता और संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों और घाटों पर दर्शन एवं पूजा के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की गंदगी न फैलाएं। संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने घरों को साफ-सुथरा रखते हैं,उसी प्रकार सार्वजनिक स्थलों,मंदिरों और घाटों को भी स्वच्छ रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से ऐसे जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की सकारात्मक भागीदारी से ही स्वच्छ और सुंदर उत्तराखंड का सपना साकार हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि भागीरथी कला संगम भविष्य में भी सामाजिक,सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा,ताकि नई पीढ़ी अपनी विरासत,संस्कृति और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बन सके। अभियान में संस्था के उपाध्यक्ष मुकेश नौटियाल,सचिव पदमेंद्र रावत,वरिष्ठ संरक्षक रमेश चंद्र थपलियाल, धर्मेंद्र कुमार,मदन गड़ोई,भगत सिंह बिष्ट,मयंक जोशी,रघुवीर सिंह रावत,हरेंद्र तोमर सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। स्वच्छता,पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के प्रति समर्पित यह पहल क्षेत्र में जनजागरूकता का सशक्त संदेश बनकर उभरी,जिसकी स्थानीय लोगों ने भी सराहना की।