आस्था और विकास का संगम बनेगा अल्केश्वर घाट-कैबिनेट मंत्री ने परखी निर्माण कार्यों की रफ्तार

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। धार्मिक आस्था,सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण श्रीनगर के अल्केश्वर घाट को अब नई पहचान देने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। धार्मिक आस्था,सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण श्रीनगर के अल्केश्वर घाट को अब नई पहचान देने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। रविवार को उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने अल्केश्वर घाट पहुंचकर वहां चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और विकास कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता,उपयोग में लाई जा रही सामग्री तथा निर्धारित समयसीमा के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय समय के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं,ताकि आम जनता,श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि अल्केश्वर घाट केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि श्रीनगर क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और आस्था का प्रमुख केंद्र भी है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं,इसलिए घाट क्षेत्र को व्यवस्थित,सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि घाट के विकास से स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास को प्राथमिकता दे रही है। प्रदेशभर में विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है,ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिल सके और आने वाले पर्यटकों को भी उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का सजीव अनुभव हो। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाट क्षेत्र में स्वच्छता,प्रकाश व्यवस्था,सुरक्षा और यात्री सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान आमजन की आवाजाही और सुरक्षा में किसी प्रकार की असुविधा न हो,यह भी सुनिश्चित किया जाए। अल्केश्वर घाट में चल रहे विकास कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि घाट के विकसित होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रीनगर की पहचान और अधिक मजबूत होगी।

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