उत्तराखंड आंदोलन के संघर्ष और त्याग की प्रतीक विमला कोठियाल नहीं रहीं-राज्य ने खोई अपनी एक जुझारू आवाज

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य आंदोलन की अग्रणी एवं साहसी महिला आंदोलनकारी विमला कोठियाल के निधन से राज्य आंदोलनकारियों और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके

📘 इन्हें भी पढ़ें

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य आंदोलन की अग्रणी एवं साहसी महिला आंदोलनकारी विमला कोठियाल के निधन से राज्य आंदोलनकारियों और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक एवं उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि विमला कोठियाल केवल एक आंदोलनकारी नहीं थीं,बल्कि उत्तराखंड राज्य निर्माण की उस संघर्षशील पीढ़ी की प्रतिनिधि थीं,जिसने अपने अधिकारों और अलग राज्य की मांग के लिए हर प्रकार के संघर्ष और त्याग का सामना किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के कठिन दौर में विमला कोठियाल ने अदम्य साहस,दृढ़ संकल्प और सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 1994 के मुजफ्फरनगर कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि विमला कोठियाल उस ऐतिहासिक और दर्दनाक घटना की प्रमुख गवाहों में शामिल थीं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया। राज्य निर्माण के लिए उन्होंने अपने सम्मान,सुरक्षा और व्यक्तिगत हितों की परवाह किए बिना संघर्ष का मार्ग चुना,जिसे उत्तराखंड की जनता हमेशा स्मरण रखेगी। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में विमला कोठियाल का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय है। उनका संपूर्ण जीवन संघर्ष,समर्पण और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा। उन्होंने कहा कि विमला कोठियाल जैसी महिलाओं के त्याग और बलिदान ने ही उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि विमला कोठियाल के निधन से उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है। उनका जाना केवल एक व्यक्ति की क्षति नहीं,बल्कि उस संघर्षशील विरासत की क्षति है जिसने उत्तराखंड राज्य निर्माण की नींव को मजबूत किया। धीरेंद्र प्रताप ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आने वाली पीढ़ियां विमला कोठियाल के संघर्ष,साहस और त्याग को प्रेरणा के रूप में याद रखेंगी तथा राज्य आंदोलन में उनके योगदान को सदैव सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाएगा।

नवीनतम समाचार – Dainik Himalya Times

नवीनतम समाचार

Loading...