
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। जिस एंबुलेंस को मरीजों की जिंदगी बचाने का माध्यम होना चाहिए था,उसे तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने का सनसनीखेज मामला श्रीनगर में सामने आया है। पुलिस की तड़के चल रही सघन चेकिंग के दौरान एक इको एंबुलेंस की तलाशी ली गई तो उसमें मरीज की जगह बोरियों में गांजे की बड़ी खेप बरामद हुई। एंबुलेंस से कुल 90 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद होने से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मौके से एंबुलेंस चालक को गिरफ्तार कर तस्करी में प्रयुक्त वाहन को सीज कर दिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने गांजे को रुद्रप्रयाग क्षेत्र से कम कीमत पर खरीदकर श्रीनगर में अधिक दाम पर बेचने की योजना का खुलासा किया है। मामले ने नशे की तस्करी के पीछे सक्रिय नेटवर्क की ओर भी इशारा किया है,जिसके बाद पुलिस अब सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर जनपद में नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी श्रीनगर तपेश कुमार के पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्रीनगर कुलदीप सिंह के नेतृत्व में 23 अगस्त 2026 की सुबह श्रीनगर पुलिस टीम द्वारा विभिन्न वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही थी। चेकिंग अभियान के दौरान आवास विकास ग्राउंड श्रीनगर के समीप पुलिस टीम ने वाहन संख्या UK14-PA-0539 इको एंबुलेंस को रोककर जांच की। पुलिस को वाहन की गतिविधियों पर संदेह हुआ तो एंबुलेंस की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एंबुलेंस के भीतर 9 कट्टे बरामद हुए। जब पुलिस ने कट्टों को खोलकर जांच की तो उनमें अवैध गांजा भरा मिला। तौल किए जाने पर कुल मात्रा 90 किलोग्राम निकली। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने पर पुलिस ने मौके से वाहन चालक रविन्द्र सिंह निवासी चौरास जनपद टिहरी गढ़वाल को गिरफ्तार कर लिया। तस्करी में प्रयुक्त एंबुलेंस को भी पुलिस ने सीज कर दिया है। मादक पदार्थ की बरामदगी के संबंध में कोतवाली श्रीनगर में आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह श्रीकोट में उक्त एंबुलेंस का संचालन करता है। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह अपने एक अन्य सहयोगी के साथ एंबुलेंस से रुद्रप्रयाग क्षेत्र से गांजे के कट्टे लेकर श्रीनगर आ रहा था। आरोपी के अनुसार गांजा रुद्रप्रयाग क्षेत्र से अपेक्षाकृत कम कीमत पर खरीदा गया था और उसे श्रीनगर में अधिक कीमत पर बेचने की योजना थी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त रहा है और इस अवैध कारोबार के एवज में उसे आर्थिक लाभ मिलता था। 90 किलो गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस की जांच अब केवल गिरफ्तार चालक तक सीमित नहीं है। पुलिस आरोपी से मिली जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गांजे की खरीद,परिवहन और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से खरीदा गया,इसे श्रीनगर में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में आरोपी के साथ कौन-कौन लोग जुड़े हैं। पूछताछ एवं विवेचना के आधार पर सप्लाई चेन से जुड़े अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने जनपद में मादक पदार्थों की बिक्री,आपूर्ति,परिवहन और वितरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और तस्करी की प्रत्येक कड़ी तक पहुंचने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। श्रीनगर में एंबुलेंस से 90 किलो गांजे की बरामदगी ने यह भी उजागर कर दिया है कि तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए किस तरह नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस की सतर्कता और लगातार चेकिंग अभियान नशे के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के साथ ही इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने में जुटी है। अब देखना यह है कि 90 किलो गांजे की इस बड़ी खेप के पीछे छिपे तस्करी के नेटवर्क से पुलिस और कितने चेहरों को बेनकाब करती है।