एआई और डिजिटल शिक्षा के भविष्य पर वैश्विक संगम-गढ़वाल विश्वविद्यालय में होगा अंतरराष्ट्रीय मंथन

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा के बदलते वैश्विक परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई),डिजिटल परिवर्तन और उभरती प्रौद्योगिकियों की बढ़ती भूमिका को केंद्र में रखते हुए 30 एवं 31 मई 2026 को

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा के बदलते वैश्विक परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई),डिजिटल परिवर्तन और उभरती प्रौद्योगिकियों की बढ़ती भूमिका को केंद्र में रखते हुए 30 एवं 31 मई 2026 को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन शिक्षा जगत में नवाचार,तकनीकी बदलाव और भविष्य उन्मुख शिक्षण पद्धतियों पर गंभीर अकादमिक विमर्श का महत्वपूर्ण मंच बनेगा,जिसमें देश-विदेश के शिक्षाविद्,शोधार्थी,नीति विशेषज्ञ,शिक्षक-प्रशिक्षक और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे। यह महत्वपूर्ण सम्मेलन हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता प्रभाग तथा छबी सेवा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन सचिव एवं शिक्षाविद् डॉ.अतुल बमराड़ा ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता,डिजिटल तकनीकों और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों की संभावनाओं पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा केवल पारंपरिक कक्षाओं तक सीमित नहीं रह गई है,बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म,स्मार्ट लर्निंग,वर्चुअल शिक्षण और एआई आधारित शिक्षण मॉडल तेजी से नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल नवाचार केवल तकनीकी बदलाव नहीं हैं,बल्कि ये शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं,शिक्षक क्षमता निर्माण,समावेशी शिक्षा और विद्यार्थियों की रचनात्मकता को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। सम्मेलन में इन विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी कि किस प्रकार तकनीक का उपयोग शिक्षा को अधिक प्रभावी, सुलभ और भविष्य के अनुरूप बना सकता है। सम्मेलन को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत तथा देवेंद्र फडणवीस ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए आयोजन की सफलता की कामना की है। इससे सम्मेलन की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती महत्ता और प्रतिष्ठा का भी अंदाजा लगाया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक प्रोफेसर अनिल नौटियाल ने बताया कि सम्मेलन में दिल्ली विश्वविद्यालय,एनसीईआरटी,राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू सहित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ और शोधार्थी अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। सम्मेलन के प्रमुख विषयों में जनरेटिव एआई,डिजिटल शिक्षाशास्त्र,साइबर सुरक्षा,समावेशी शिक्षा,भारतीय ज्ञान प्रणाली,शिक्षक शिक्षा,गेमिफिकेशन,मानसिक स्वास्थ्य,डिजिटल नेतृत्व तथा भविष्य उन्मुख शिक्षा मॉडल शामिल हैं। दो दिवसीय कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र,विशेषज्ञ व्याख्यान,तकनीकी सत्र,शोध प्रस्तुतियां और समापन समारोह आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन न केवल अकादमिक शोध और नवाचार को नई दिशा देगा,बल्कि शिक्षकों,शोधार्थियों और नीति निर्माताओं के बीच सहयोगात्मक अधिगम और विचार-विमर्श का मजबूत मंच भी तैयार करेगा। आयोजन समिति के अनुसार सम्मेलन का विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र जारी किया जाएगा।

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