
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। सतपुली-गुमखाल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-534 के निर्माण कार्य में सामने आ रही खामियों और यातायात व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने सख्त रुख अपनाया है। सड़क पर जगह-जगह जमा मलबा,पुश्तों के गिरने तथा निर्माण कार्य के चलते प्रभावित हो रही आवाजाही को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य की आड़ में आमजन की सुरक्षा और सुचारू यातायात से किसी भी कीमत पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मंगलवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में राष्ट्रीय राजमार्ग-534 के निर्माण कार्य और यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति,सड़क सुरक्षा,मलबा निस्तारण,पुश्तों एवं सुरक्षा दीवारों की स्थिति तथा संवेदनशील स्थानों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना संबंधित विभाग एवं कार्यदायी संस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सड़क पर किसी भी स्थिति में अनावश्यक रूप से मलबा जमा न रहने दिया जाए। जहां सड़क कटिंग अथवा अन्य निर्माण कार्यों के कारण मलबा जमा है,उसे तत्काल हटाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर मलबा हटाने के लिए वाहनों की संख्या बढ़ाई जाए तथा प्रतिदिन कार्यों की निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। समीक्षा के दौरान सूलिया,सतपुलीसैंण,सतपुली मल्ली,कुल्हाड़ मोड़ तथा गहड़गांव के समीप निर्माण एवं कटिंग कार्यों की स्थिति सामने आई। जिलाधिकारी ने इन स्थानों पर शेष मलबे को एक सप्ताह के भीतर हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल सड़क निर्माण पूरा करना पर्याप्त नहीं है,बल्कि उसके साथ पुश्ते,सुरक्षा दीवारें और अन्य सुरक्षात्मक कार्य भी समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाने जरूरी हैं। उन्होंने राइट ऑफ वे से बाहर प्रभावित हो रहे भवनों का भी स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां निर्माण कार्य के कारण सड़क अथवा आसपास के भवनों और अन्य संरचनाओं को खतरा उत्पन्न हो रहा है,वहां प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा कार्य कराए जाएं। यातायात व्यवस्था की समीक्षा में बताया गया कि आवश्यक स्थानों पर यातायात संकेतक लगाए गए हैं तथा नयार घाटी मोड़ को साफ किया गया है। उपजिलाधिकारी ने कुछ स्थानों पर दोपहिया वाहनों के आवागमन को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई। इस पर जिलाधिकारी ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा अवरोधक लगाने,सड़क के दोनों ओर मलबा एकत्र न होने देने तथा वाहन चालकों एवं राहगीरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन हिस्सों में यातायात प्रबंधन की नियमित निगरानी की जाए,ताकि निर्माण कार्य के कारण जाम अथवा दुर्घटना जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। बैठक में जिला खनन अधिकारी ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में उपखनिज के अवैध भंडारण के संबंध में अब तक तीन मामलों में कार्रवाई की गई है तथा संबंधित लोगों पर जुर्माना लगाया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन अथवा उपखनिज के अवैध भंडारण के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने जिला खनन अधिकारी को भूगर्भ वैज्ञानिक के साथ संबंधित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित निगरानी और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि डामरीकरण कार्य में तेजी लाई जा रही है और 15 नवंबर तक समस्त डामरीकरण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी ने निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी के नाम पर गुणवत्ता से समझौता कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। सड़क निर्माण की गुणवत्ता,मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित करने के साथ ही सुरक्षात्मक कार्यों को भी समान प्राथमिकता दी जाए। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के पांच स्थानों पर भूस्खलन से बचाव के लिए सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे। इनमें बैरगांव एवं कुल्हाड़ के मध्य कार्य प्रारंभ हो चुका है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा दीवारों एवं अन्य संरचनाओं का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए तथा ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाए जहां सड़क अथवा आसपास की संरचनाओं को अधिक खतरा है। निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों की समिति गठित करते हुए 16 सितंबर को दोबारा स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। समिति मौके पर निर्माण कार्य की प्रगति,सड़क पर मलबे की स्थिति,पुश्तों एवं सुरक्षा दीवारों की स्थिति,यातायात व्यवस्था तथा आमजन को हो रही परेशानियों का जायजा लेगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान यदि कार्य में लापरवाही अथवा पूर्व में दिए गए निर्देशों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की आवाजाही,सड़क सुरक्षा और निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। बैठक में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान,उपजिलाधिकारी रेखा आर्य,अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग खंड अरुण कुमार,जिला खनन अधिकारी अनिल मुयाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।