कायाकल्प में पौड़ी का दमदार प्रदर्शन-श्रीनगर से सतपुली समेत 11 चिकित्सा इकाइयों को मिला उत्कृष्टता का सम्मान

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता,स्वच्छता और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता,स्वच्छता और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद की 11 चिकित्सा इकाइयों को कायाकल्प पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। चिकित्सा संस्थानों में स्वच्छता,संक्रमण नियंत्रण,बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन,मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न गुणवत्ता मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करने के बाद इन चिकित्सा इकाइयों को यह उपलब्धि हासिल हुई है। कायाकल्प पुरस्कार के लिए चयनित चिकित्सा इकाइयों में उपजिला चिकित्सालय श्रीनगर,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली के साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर पोखरी,डोभ,श्रीकोट,देहलचौरी,सरणा,संतुधार,बिसल्ड,बाड़ियों,डडुआदेवी और दमदेवल शामिल हैं। इन संस्थानों के चयन से जनपद में प्राथमिक एवं सामुदायिक स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों को नई पहचान मिली है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.मेघना असवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सा इकाइयों का विभिन्न महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में केवल उपचार की व्यवस्था को बेहतर बनाना ही नहीं,बल्कि मरीजों को स्वच्छ,सुरक्षित,गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन के दौरान चिकित्सालय परिसर एवं वार्डों की स्वच्छता,संक्रमण नियंत्रण,बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन,स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था,चिकित्सालय भवन एवं परिसर का रखरखाव,मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं,स्वच्छता एवं हाइजीन प्रमोशन तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न मानकों को विशेष रूप से देखा जाता है। इसके साथ ही आईईसी गतिविधियों,अपशिष्ट प्रबंधन और स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाता है। इन सभी मानकों पर चिकित्सा इकाइयों के प्रदर्शन के आधार पर कायाकल्प पुरस्कार के लिए संस्थानों का चयन किया जाता है। कायाकल्प पुरस्कार योजना के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। पुरस्कार के लिए चयनित चिकित्सा इकाइयों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित धनराशि भी प्रदान की जाती है,जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता एवं सुविधाओं को और मजबूत करना है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.मेघना असवाल ने कहा कि जनपद की चिकित्सा इकाइयों का विभिन्न गुणवत्ता मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करना पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने क्वालिटी एश्योरेंस टीम तथा विजेता चिकित्सा इकाइयों में कार्यरत सभी चिकित्सकों,अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए भविष्य में भी निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार एक सतत प्रक्रिया है और इसके लिए प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी एवं टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है। कायाकल्प कार्यक्रम के तहत चिकित्सा इकाइयों के मूल्यांकन एवं गुणवत्ता सुधार की प्रक्रिया में जिला स्तरीय टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला स्तरीय टीम में डॉ.पंकज,स्मृति शाह,बलबीर रावत सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। जनपद की 11 चिकित्सा इकाइयों का कायाकल्प पुरस्कार के लिए चयन होना न केवल संबंधित संस्थानों के लिए गौरव की बात है,बल्कि यह इस दिशा में भी महत्वपूर्ण संकेत है कि पर्वतीय जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को स्वच्छता,गुणवत्ता और सुरक्षित चिकित्सा व्यवस्था के मानकों पर लगातार मजबूत करने का प्रयास जारी है। विशेषकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का इस सूची में शामिल होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संदेश भी जाता है कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता अब केवल बड़े चिकित्सालयों तक सीमित नहीं,बल्कि गांव-गांव तक स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। कायाकल्प पुरस्कार के माध्यम से चयनित चिकित्सा इकाइयों को मिली यह पहचान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए उत्साहवर्धन का कार्य करेगी तथा आने वाले समय में जनपद के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी गुणवत्ता सुधार की दिशा में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

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