
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जब किताबों में पढ़े विज्ञान के सिद्धांत आंखों के सामने जीवंत होकर प्रयोग का रूप लेते हैं,तो सीखने की जिज्ञासा कई गुना बढ़ जाती है। पौड़ी के डॉ.अंबेडकर विज्ञान संग्रहालय में कुछ ऐसा ही अनुभव देखने को मिला,जहां विद्यार्थियों ने विज्ञान को केवल पढ़ा नहीं,बल्कि उसे अपनी आंखों से देखा,हाथों से प्रयोग किया और उसके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गुणवत्तापूर्ण,आधुनिक,प्रयोगात्मक एवं नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की सोच को जनपद पौड़ी गढ़वाल में स्थानीय स्तर पर विस्तार मिल रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में जनपद मुख्यालय स्थित डॉ.अंबेडकर विज्ञान संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को सहज,रोचक और व्यावहारिक ढंग से समझने का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। बुधवार को जनता इंटर कॉलेज ल्वाली की कक्षा नौवीं एवं 11वीं के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान संग्रहालय का भ्रमण किया। संग्रहालय पहुंचने पर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक मॉडलों और उपकरणों को करीब से देखने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने विभिन्न मॉडलों को देखा ही नहीं, बल्कि कई प्रयोग स्वयं करके उनके कार्य करने की प्रक्रिया और वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझा। विज्ञान संग्रहालय में तैनात शिक्षक ने विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक अवधारणाओं की जानकारी दी तथा मॉडलों का प्रयोग एवं प्रदर्शन करवाया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने सोलर पैनल,इन्फिनिटी वेल,कलर मिक्सचर,प्लाज्मा ग्लोब,सस्पेंशन ब्रिज सहित अन्य वैज्ञानिक मॉडलों का अवलोकन किया। जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। इससे विज्ञान की उन अवधारणाओं को समझने में आसानी हुई,जिन्हें विद्यार्थी अब तक केवल पाठ्य पुस्तकों में पढ़ते आए थे। गतिविधि आधारित सीखने की इस प्रक्रिया ने विद्यार्थियों के लिए विज्ञान विषय को अधिक रोचक और सहज बना दिया। किताब में पढ़ा,यहां प्रत्यक्ष समझने का मौका मिला छात्रा हिमांशी नेगी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विज्ञान संग्रहालय में उन्हें उन वैज्ञानिक अवधारणाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला, जिन्हें उन्होंने अब तक किताबों में पढ़ा था। मॉडलों को देखकर और स्वयं प्रयोग करके विज्ञान को समझना उनके लिए रोचक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। वहीं छात्र दिव्यांशु कुमार ने कहा कि विज्ञान संग्रहालय में स्थापित वैज्ञानिक मॉडल विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी हैं। प्रयोगात्मक तरीके से विज्ञान सीखने पर कठिन विषयों को समझना आसान हो जाता है। साथ ही विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि भी बढ़ती है। विद्यार्थियों ने पौड़ी में विज्ञान संग्रहालय स्थापित किए जाने के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संग्रहालय के माध्यम से विज्ञान अब केवल किताबों और कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं रह गया है,बल्कि उसे प्रयोग एवं गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिल रहा है। छात्र-छात्राओं के अनुसार इस तरह के प्रयोग उन्हें नई चीजें सीखने,सवाल पूछने और अपने आसपास होने वाली वैज्ञानिक घटनाओं को समझने के लिए प्रेरित करते हैं। इससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होने के साथ-साथ नवाचार और खोज की भावना को भी बल मिलता है। जिला प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों से जोड़कर उनके सीखने के अनुभव को अधिक रोचक,व्यावहारिक और प्रभावी बनाना है। प्रशासन का मानना है कि प्रयोगात्मक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं,बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण,तार्किक सोच,जिज्ञासा और नवाचार की क्षमता भी विकसित की जा सकती है। डॉ.अंबेडकर विज्ञान संग्रहालय इसी दिशा में विद्यार्थियों को विद्यालयी पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर विज्ञान को अनुभव करने और समझने का अवसर प्रदान कर रहा है। पहाड़ के विद्यार्थियों के लिए इस तरह की पहल भविष्य में विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाली साबित हो सकती है। इस अवसर पर सहायक अध्यापक उत्कर्ष भट्ट,हेमंत सिंह सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।