
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट प्रकोष्ठ की ओर से पर्यटन विभाग में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगारपरक दक्षताओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात दिवसीय व्यक्तित्व विकास कार्यशाला के प्रथम बैच के नए सत्र का शुभारंभ सोमवार से उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यशाला के प्रथम दिन 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्सुकता एवं उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए व्यक्तित्व विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें रोजगार के बदलते परिवेश के अनुरूप तैयार करना है। इसके तहत विद्यार्थियों में आत्मविश्वास,संवाद कौशल,साक्षात्कार का सामना करने की क्षमता,प्रभावी परिचय देने की कला तथा अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक गुणों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने की दक्षता विकसित की जा रही है। कार्यशाला में वरिष्ठ प्रशिक्षक सुश्री दिया पंत ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी विद्यार्थी के लिए रोजगार प्राप्त करने में उसकी शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ उसका आत्मविश्वास,व्यवहार,संवाद शैली और स्वयं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को रोजगार के लिए प्रभावी जीवन-वृत्त तैयार करने से लेकर साक्षात्कार के दौरान स्वयं को प्रस्तुत करने की विधि तक विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। सात दिनों तक चलने वाली इस प्रशिक्षण प्रक्रिया में विद्यार्थियों को साक्षात्कार की तैयारी,प्रभावी संवाद,आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने,व्यक्तिगत छवि को बेहतर बनाने तथा रोजगार के अवसरों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने पर विशेष रूप से मार्गदर्शन दिया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है,बल्कि स्वयं के व्यक्तित्व और व्यावहारिक दक्षताओं का निरंतर विकास भी आवश्यक है। प्लेसमेंट प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो.आर.के.ढौंडी ने विद्यार्थियों को कार्यशाला का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व,व्यवहारिक ज्ञान और रोजगार संबंधी दक्षताओं के विकास पर भी ध्यान दे रहे हैं। इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को रोजगार की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराने तथा उनमें आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यशाला को सफल बनाने में डॉ.ज्योति नेगी का विशेष सहयोग रहा। वहीं पर्यटन विभाग से जुड़े शोधार्थियों एवं मंत्रालयिक कर्मचारियों ने भी कार्यशाला की विभिन्न गतिविधियों के संचालन में पूर्ण सहयोग प्रदान किया। उनके सामूहिक प्रयासों से विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण का वातावरण और अधिक प्रभावी एवं उपयोगी बनाया जा रहा है। बताया गया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 सितंबर से 24 नवंबर तक सतत रूप से आयोजित किया जाएगा। कार्यशाला में विद्यार्थियों को चरणबद्ध ढंग से व्यक्तित्व विकास एवं रोजगार से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय में आयोजित यह पहल इस दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि उच्च शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को रोजगार की प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए भी तैयार किया जा रहा है। व्यक्तित्व विकास,आत्मविश्वास और व्यावहारिक दक्षताओं के समन्वय से विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को और अधिक मजबूत करने की दिशा में यह कार्यशाला एक सार्थक कदम साबित हो सकती है।