जन-जन के द्वार पहुंचा सुशासन-पौड़ी में 16 जनसेवा शिविरों से हजारों लोगों को मिला सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जब शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचे,समस्याओं को सुने और उनका त्वरित समाधान भी सुनिश्चित करे,तभी सुशासन की वास्तविक अनुभूति होती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जब शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचे,समस्याओं को सुने और उनका त्वरित समाधान भी सुनिश्चित करे,तभी सुशासन की वास्तविक अनुभूति होती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर संचालित सेवा,सुशासन एवं समर्पण-जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार अभियान जनपद पौड़ी गढ़वाल में इसी सुशासन की अवधारणा को धरातल पर साकार करता दिखाई दिया। अभियान के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचा,लोगों की समस्याएं सुनी गईं,पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया और हजारों लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। 4 जुलाई से 19 जुलाई तक जनपद के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित 16 बहुउद्देशीय जनसेवा शिविरों में कुल 7,025 नागरिकों ने सहभागिता कर शासन की विभिन्न योजनाओं,प्रमाण-पत्रों,पंजीकरण सेवाओं तथा जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ प्राप्त किया। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित 3,049 आवेदन एवं शिकायतें प्राप्त हुईं,जिनमें से 2,924 प्रकरणों का शिविर स्थल पर ही निस्तारण कर लोगों को तत्काल राहत प्रदान की गई। शेष प्रकरणों के भी समयबद्ध समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। अभियान का शुभारंभ 4 जुलाई को पौड़ी स्थित प्रेक्षागृह से हुआ,जहां 951 लोगों ने भागीदारी की और प्राप्त 122 शिकायतों एवं आवेदनों का शत-प्रतिशत निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। इसके उपरांत विकासखंड पौड़ी,दुगड्डा,थलीसैंण एवं पोखड़ा में प्राप्त सभी आवेदनों का भी पूर्ण समाधान सुनिश्चित किया गया। वहीं कोट,यमकेश्वर,जयहरीखाल,खिर्सू,कल्जीखाल,पाबौ,बीरोंखाल,रिखणीखाल,नैनीडांडा,एकेश्वर तथा द्वारीखाल में आयोजित शिविरों में भी अधिकांश शिकायतों का तत्काल निस्तारण कर प्रशासन ने संवेदनशील कार्यशैली का परिचय दिया। इन शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहां केवल शिकायतों का समाधान ही नहीं किया गया,बल्कि पात्र लाभार्थियों का मौके पर ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में पंजीकरण कर उन्हें योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए पात्रता के अनुसार आवेदन भरवाए तथा आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया भी शिविर स्थल पर पूरी कराई। इससे दूरदराज के ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली और शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ। अभियान के दौरान विभिन्न विकासखंडों में जनप्रतिनिधियों एवं राज्य मंत्रियों ने भी जनसेवा शिविरों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता एवं संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शासन की प्रत्येक जन-कल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचे। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने कहा कि जनसेवा शिविरों का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करते हुए सरकारी सेवाओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का तत्काल निस्तारण संभव नहीं हो सका है,उनका भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए,ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में जाकर पात्र लाभार्थियों की पहचान की जाए,उनके आवेदन भरवाए जाएं तथा पात्रता के अनुसार उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की प्रगति एवं निस्तारण की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए,जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जन-विश्वास दोनों सुदृढ़ हों। जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार अभियान ने यह सिद्ध किया है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता,जवाबदेही और सेवा भाव के साथ जनता के बीच पहुंचता है,तब शासन की योजनाएं केवल सरकारी दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहतीं,बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनती हैं। जनपद पौड़ी गढ़वाल में इस अभियान की सफलता सुशासन,पारदर्शिता और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।

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