
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मानसून सीजन के आगमन के साथ डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता और रोकथाम की तैयारियों को और तेज कर दिया है। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि डेंगू नियंत्रण को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग,नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ प्रभावी कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद में डेंगू रोकथाम के लिए संचालित गतिविधियों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने,नियमित फॉगिंग कराने,स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेंगू केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि यह सामूहिक जनभागीदारी से ही नियंत्रित किया जा सकता है। बैठक में नगर पालिका पौड़ी,नगर निगम श्रीनगर,कोटद्वार एवं लक्ष्मणझूला जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों को विशेष निगरानी में रखने का निर्णय लिया गया। सीडीओ ने निर्देश दिए कि सभी फॉगिंग मशीनें पूरी तरह क्रियाशील स्थिति में रहें तथा तय समयानुसार नियमित फॉगिंग कराई जाए। साथ ही नालियों की सफाई,कूड़ा निस्तारण और जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल के दौरान सड़कों के गड्ढों,खाली प्लॉटों,पुराने टायरों,कूलरों तथा अन्य जल संग्रहण वाले स्थानों पर मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर जलभराव समाप्त करने और नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों से शुरू होगी जागरूकता की मुहिम मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभाओं के दौरान विद्यार्थियों को डेंगू के लक्षण,कारण,उपचार और बचाव संबंधी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जागरूकता के सबसे प्रभावी माध्यम होते हैं और उनके माध्यम से यह संदेश प्रत्येक घर तक पहुंचाया जा सकता है। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने बताया कि डेंगू नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार सक्रिय है। मई माह से अब तक जनपद के 49 हजार 772 घरों में सोर्स रिडक्शन अभियान चलाया जा चुका है,जिसके माध्यम से लगभग 2 लाख 87 हजार 449 लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि संभावित डेंगू संक्रमण की निगरानी के लिए मई माह में 2 हजार 146 लोगों के रैपिड एवं एलाइजा परीक्षण कराए गए,जिनकी सभी रिपोर्ट नकारात्मक प्राप्त हुई हैं। यह जनपद के लिए राहत की बात है,लेकिन विभाग किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरत रहा है। डॉ.गोयल ने बताया कि आशा कार्यकर्ता,एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर जाकर कूलर,पानी की टंकियों,गमलों और अन्य जल संग्रहण वाले स्थानों का निरीक्षण कर रही हैं। साथ ही लोगों को मच्छरजनित रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। जनसहभागिता से ही मिलेगी डेंगू पर विजय मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें,कूलरों का पानी नियमित बदलें,साफ-सफाई बनाए रखें तथा डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हैं,लेकिन डेंगू के खिलाफ इस लड़ाई में जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला,जिला प्रतिरक्षण अधिकारी अमित मेहरा,प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.अलीशा सचदेवा,जिला शिक्षा अधिकारी रणजीत सिंह नेगी,सैनिटरी इंस्पेक्टर हेमंत कुमार,जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव रावत,शिवांगी सिमल्टी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।