दिल्ली में चमकेगी पहाड़ की मेधा-गढ़वाल भवन में 123 प्रतिभाओं को मिलेगा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सम्मान

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। दिल्ली-एनसीआर में रह रहे गढ़वाली समाज की नई पीढ़ी की शैक्षणिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गढ़वाल हितैषिणी सभा द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। दिल्ली-एनसीआर में रह रहे गढ़वाली समाज की नई पीढ़ी की शैक्षणिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गढ़वाल हितैषिणी सभा द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 30 अगस्त 2026 रविवार को दिल्ली स्थित गढ़वाल भवन के भागीरथी सभागार में आयोजित होने वाले समारोह में गढ़वाल मूल की 123 मेधावी प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। समारोह में कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 109 मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ ही सीए,नीट सहित विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने वाले 14 विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस प्रकार कुल 123 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेधावी छात्र सम्मान से सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों को समाज के सामने गौरव के साथ रखा जाएगा। सम्मान समारोह में प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को स्मृति चिह्न,2,100 रुपये की नगद सम्मान राशि एवं प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का अभिनंदन नहीं,बल्कि उनकी मेहनत,लगन और प्रतिभा को सामाजिक पहचान देने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में निवास कर रहे गढ़वाली समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में उल्लेखनीय पहल है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होने के साथ ही उन्हें अपने भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का प्रोत्साहन मिलता है। गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किए जाने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि किसी विद्यार्थी की प्रतिभा को समाज की ओर से मिलने वाला सम्मान उसके लिए केवल पुरस्कार नहीं होता,बल्कि यह उसके आत्मविश्वास को बढ़ाने और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत बनता है। उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सार्वजनिक रूप से सम्मान किए जाने से उन्हें अपनी क्षमताओं को और विकसित करने तथा जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने का उत्साह मिलता है। समाज की वास्तविक प्रगति उसकी नई पीढ़ी की शिक्षा,प्रतिभा और संस्कारों पर निर्भर करती है। इसलिए प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। कुलपति ने कहा कि गढ़वाल हितैषिणी सभा का यह प्रयास केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है,बल्कि यह शिक्षा को सामाजिक सम्मान से जोड़ने वाली सार्थक पहल है। दिल्ली-एनसीआर में रहने वाला गढ़वाली समाज अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहते हुए जिस प्रकार नई पीढ़ी की शैक्षणिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित कर रहा है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है। गढ़वाल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में लगातार अपनी पहचान बना रही युवा प्रतिभाओं को सम्मानित करने का यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। उत्तराखंड की धरती से निकलकर देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे विद्यार्थियों के लिए ऐसे सम्मान समारोह प्रेरणा का काम करते हैं। समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश भी मिलेगा कि उनकी मेहनत और सफलता को समाज न केवल देख रहा है,बल्कि उसे सम्मान और प्रोत्साहन भी दे रहा है। इससे अन्य विद्यार्थी भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे। 30 अगस्त को गढ़वाल भवन का भागीरथी सभागार पहाड़ की मेधा और उपलब्धियों का साक्षी बनेगा,जहां 123 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान कर उनकी सफलता को सामाजिक गौरव से जोड़ा जाएगा।

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