देवप्रयाग को मिला उच्च शिक्षा का बड़ा तोहफा-तेगड़ (लोस्तू बडियार) में खुलेगा राजकीय महाविद्यालय

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के लिए लंबे समय से उठ रही उच्च शिक्षा संस्थान की मांग अब साकार होती नजर आ रही है। तेगड़ (लोस्तु बडियार) क्षेत्र में

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के लिए लंबे समय से उठ रही उच्च शिक्षा संस्थान की मांग अब साकार होती नजर आ रही है। तेगड़ (लोस्तु बडियार) क्षेत्र में नए राजकीय महाविद्यालय की स्थापना को लेकर शासनादेश जारी होने के बाद पूरे क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल है। यह निर्णय न केवल शैक्षिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के लिहाज से भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। गढ़वाल मंडल विकास निगम परिसर,श्रीनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक विनोद कंडारी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए कहा कि देवप्रयाग क्षेत्र के युवाओं को लंबे समय से उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता था,जिससे समय और संसाधनों दोनों की हानि होती थी। अब इस महाविद्यालय के खुलने से स्थानीय छात्रों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी शासनादेश के तहत महाविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति मिल चुकी है। जब तक भवन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाता,तब तक महाविद्यालय का संचालन अस्थायी रूप से राजकीय इंटर कॉलेज धददी घल्डीयाल में किया जाएगा,ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से ही पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू की जा सके। विधायक कंडारी ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महाविद्यालय में विभिन्न विषयों के लिए शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ के पद सृजित किए जा चुके हैं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप आधुनिक और बहुआयामी शिक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस अवसर पर प्रमुख कीर्तिनगर अंचला खंडेवाल ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। वहीं नोडल अधिकारी एवं असिस्टेंट प्रोफेसर सुबोध कुमार ने बताया कि महाविद्यालय के संचालन के लिए प्रारंभिक व्यवस्थाएं तेजी से की जा रही हैं,ताकि बिना किसी विलंब के शिक्षा कार्य प्रारंभ किया जा सके। इस महाविद्यालय को लेकर एक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। प्रस्तावित है कि इस डिग्री कॉलेज का नामकरण उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय दिवाकर भट्ट के नाम पर किया जाएगा,जो क्षेत्र के विकास और शिक्षा के प्रति अपने योगदान के लिए जाने जाते रहे हैं। इससे इस संस्थान को एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहचान भी मिलेगी। महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह भी भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा,जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं अपने करकमलों से भूमि पूजन करेंगे। यह आयोजन क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण होगा और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगा। क्षेत्र में जगी नई उम्मीद महाविद्यालय की स्थापना से देवप्रयाग क्षेत्र के युवाओं में नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार हुआ है। अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा,जिससे आर्थिक बोझ भी कम होगा और स्थानीय स्तर पर ही प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट है कि यह पहल केवल एक शैक्षणिक संस्थान की स्थापना नहीं,बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देने वाला एक सशक्त कदम है-जो आने वाले समय में देवप्रयाग को शिक्षा के नए केंद्र के रूप में स्थापित कर सकता है।

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