
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। एसएसबी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्लाओं की वर्षों से लंबित मांगों के समाधान को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ आक्रोश मुखर हो गया है। एसएसबी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्ला संगठन उत्तराखंड के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने प्रदेश सरकार पर लगातार आश्वासन दिए जाने के बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। संगठन की ओर से उप जिलाधिकारी कीर्तिनगर के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर नौकरी,पेंशन एवं ग्रेच्युटी सहित विभिन्न मांगों पर शीघ्र निर्णय लिए जाने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा करीब दो वर्ष पूर्व एसएसबी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्लाओं की समस्याओं के समाधान को लेकर 18 सचिवों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक की गई थी। इस दौरान गुरिल्लाओं को रोजगार,पेंशन एवं ग्रेच्युटी सहित उनकी विभिन्न मांगों के समाधान को लेकर कार्यवाही का भरोसा दिया गया था। लेकिन संगठन के अनुसार दो वर्ष बीत जाने के बावजूद इन आश्वासनों का अपेक्षित परिणाम धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। ज्ञापन में संगठन ने कहा है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एसएसबी स्वयंसेवकों के प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20 दिसंबर 2023 को बैठक हुई थी। बैठक में एसएसबी स्वयंसेवकों की मांगों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। संगठन का आरोप है कि इसके बावजूद अधिकांश संबंधित विभागों द्वारा अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। संगठन ने कहा कि शासन स्तर से समय-समय पर निर्देश दिए जाने के बाद भी यदि विभागीय स्तर पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ती है तो इससे एसएसबी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्लाओं में स्वाभाविक रूप से नाराजगी पैदा हो रही है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संगठन के अनुरोध पर मुख्यमंत्री द्वारा 1 जुलाई 2026 को मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन को पुनः लिखित निर्देश/आदेश दिए गए थे। संगठन के अनुसार इसके बावजूद अभी तक संबंधित विभागों एवं एसएसबी स्वयंसेवक प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आहूत नहीं की गई है। गुरिल्ला संगठन का कहना है कि अनेक विभागों द्वारा शासन स्तर से जारी आदेशों एवं उच्च स्तर पर लिए गए निर्णयों का अनुपालन नहीं किए जाने की स्थिति को देखते हुए अब मुख्य सचिव,उत्तराखंड शासन की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों एवं एसएसबी स्वयंसेवक प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक तत्काल बुलाना आवश्यक हो गया है,ताकि वर्षों से लंबित मांगों पर निर्णायक कार्रवाई हो सके। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि एसएसबी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्लाओं ने देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का प्रशिक्षण लिया है और लंबे समय से अपने हक एवं अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद मांगों का समाधान नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले को केवल बैठकों और पत्राचार तक सीमित न रखते हुए समयबद्ध तरीके से ठोस निर्णय लेकर उसका शासनादेश एवं धरातलीय अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। संगठन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि संबंधित फाइल को लंबित रखने के बजाय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तत्काल बैठक बुलाकर सभी विभागों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए और एसएसबी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्लाओं की मांगों पर सकारात्मक एवं निर्णायक कार्रवाई की जाए। एसएसबी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्ला संगठन ने दावा किया कि उनकी मांगों को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों में व्यापक असंतोष है। संगठन ने सरकार को चेताया कि यदि उनकी लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। इस दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल प्रसाद भट्ट,ब्लॉक अध्यक्ष हिम्मत सिंह मेहर,उपाध्यक्ष बृजमोहन गुसाईं,सचिव हरि सिंह परमार,महासचिव मधुसूदन बंगवाल,अरविंद कुमार,सत्तू लाल,राजेंद्र भंडारी ब्लॉक संयोजक,राजकुमारी देवी,लक्ष्मी भट्ट सहित संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की। संगठन ने कहा कि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से जुड़े एसएसबी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्ला अपने अधिकारों की लड़ाई को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि पूर्व में दिए गए निर्देशों और आश्वासनों को अब धरातल पर उतारते हुए नौकरी,पेंशन एवं ग्रेच्युटी सहित लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए। संगठन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब उन्हें कोरे आश्वासन नहीं,बल्कि ठोस कार्रवाई और परिणाम चाहिए।