
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड खिर्सू स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सौडू क्वीसू में आयोजित सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का मंगलवार को उत्साह,उमंग और रचनात्मक ऊर्जा से भरपूर वातावरण में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह बच्चों की बहुमुखी प्रतिभाओं,सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और शैक्षणिक उपलब्धियों का ऐसा संगम बन गया,जिसने उपस्थित अभिभावकों,शिक्षकों और ग्रामीणों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय परिसर बच्चों की मधुर प्रस्तुतियों,ज्ञानवर्धक गतिविधियों और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो उठा। विद्यार्थियों ने गीत,कविता,भाषण,संवाद,नाट्य प्रस्तुति तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। शिविर की समन्वयक कु.राधिका ने सात दिनों तक आयोजित गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि शिविर का उद्देश्य बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचानना,आत्मविश्वास विकसित करना तथा शिक्षा को आनंददायक बनाना था। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान बच्चों ने सीखने के साथ-साथ अभिव्यक्ति,नेतृत्व और सहयोग की भावना को भी आत्मसात किया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक शंकरमणि थपलियाल,अध्यापिका माधुरी गैरोला,सुबोध चमोली एवं शैफाली कुंवर ने बताया कि शिविर में बच्चों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखकर विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों को कला,साहित्य,भाषा ज्ञान,व्यवहारिक शिक्षा,संवाद कौशल और रचनात्मक सोच विकसित करने के अवसर प्रदान किए गए,जिससे उनमें सीखने के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। समापन समारोह में कक्षा आठ के विद्यार्थियों ने सात दिनों में अर्जित ज्ञान और अनुभवों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों ने हिंदी,अंग्रेजी,गुजराती तथा संस्कृत भाषा से संबंधित संभाषण,लेखन और पठन-पाठन गतिविधियों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही चित्रकला,रचनात्मक लेखन,कहानी प्रस्तुति और संवाद कौशल जैसी गतिविधियों ने सभी को प्रभावित किया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बच्चों के आत्मविश्वास,मंच संचालन क्षमता और प्रस्तुतीकरण शैली की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण,नेतृत्व क्षमता विकास और सृजनात्मक सोच को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने शिक्षकों द्वारा सीमित संसाधनों में किए जा रहे नवाचारों और समर्पित प्रयासों की भी प्रशंसा की। समापन समारोह में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि,अभिभावकगण एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विद्यालय द्वारा संचालित नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियों को ग्रामीण शिक्षा के लिए प्रेरणादायी पहल बताया। सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि ग्रामीण अंचलों के बच्चों में प्रतिभा,क्षमता और रचनात्मकता की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें उचित मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे शिक्षा,संस्कृति और ज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर सकते हैं। यह शिविर बच्चों के लिए केवल सीखने का अवसर नहीं बल्कि आत्मविश्वास,अभिव्यक्ति और व्यक्तित्व विकास का एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।