
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़़वाल विश्वविद्यालय में विद्यार्थी प्रेरण-सह-आधारभूत कार्यक्रम के तहत बुधवार को बीएससी वानिकी एवं बीएससी उद्यानिकी के प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध केंद्र (हैप्रेक) का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को केंद्र में संचालित विभिन्न शोध गतिविधियों और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाने वाले वनस्पति संसाधनों के संरक्षण एवं अध्ययन के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने शोध केंद्र की विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण कर वहां होने वाले वैज्ञानिक कार्यों को नजदीक से समझा। इस दौरान विद्यार्थियों को टिशू कल्चर तकनीक तथा इसके माध्यम से पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली विभिन्न महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से बताया गया। शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से नवप्रवेशी विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को प्रयोगात्मक एवं शोध कार्यों से जोड़ने का अवसर मिला। मौके पर वानिकी विभाग के सह-आचार्य डाॅ.लक्षमण सिंह कंडारी के साथ ही हैप्रेक की डाॅ.विजयलक्ष्मी,डाॅ.सुदीप सेमवाल,डाॅ.राजीव वशिष्ठ,डाॅ.प्रदीप डोभाल,डाॅ.जयदेव चैहान सहित आदि मौजूद थे।