नागरासू गतिरोध पर श्रीनगर में जनआक्रोश-कानून व्यवस्था और चारधाम यात्रा प्रबंधन पर सरकार घिरी

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भंडारी श्रीनगर गढ़वाल। रुद्रप्रयाग जिले के नागरासू क्षेत्र में हाल ही में गुरुद्वारा दमदमा साहिब को लेकर हुए चार दिवसीय गतिरोध के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था और चारधाम यात्रा मार्ग

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भंडारी

श्रीनगर गढ़वाल। रुद्रप्रयाग जिले के नागरासू क्षेत्र में हाल ही में गुरुद्वारा दमदमा साहिब को लेकर हुए चार दिवसीय गतिरोध के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था और चारधाम यात्रा मार्ग पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित जनसभा में राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए। जागरूक नागरिकों,सामाजिक कार्यकर्ताओं,राज्य आंदोलनकारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि ऐसी घटनाएं उत्तराखंड की शांतिपूर्ण छवि और सामाजिक सौहार्द के लिए चिंता का विषय हैं। सभा में वक्ताओं ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की आस्था,संस्कृति और अर्थव्यवस्था का आधार है,लेकिन यात्रा मार्ग पर लगातार सामने आ रही व्यवस्थागत कमियां,ट्रैफिक अव्यवस्था,सुरक्षा संबंधी चुनौतियां और प्रशासनिक समन्वय की कमी यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। पूर्व विश्वविद्यालय अध्यक्ष एवं राज्य आंदोलनकारी प्रभाकर बाबुलकर ने नागरासू प्रकरण का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन समय रहते प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुविधाओं और समुचित प्रबंधन के अभाव के कारण आए दिन अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर जवाबदेही तय करने की मांग की। महिला कार्यकर्ता सरस्वती देवी ने कहा कि किसी भी स्थानीय विवाद को सांप्रदायिक या क्षेत्रीय रंग देने की कोशिश समाज के लिए घातक है। उन्होंने सभी वर्गों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहचान सदैव भाईचारे और आपसी सम्मान की रही है। डॉ.मुकेश सेमवाल ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में भ्रम और विभाजन फैलाने की कोशिशों पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्होंने चारधाम यात्रा के दौरान जमीनी स्तर पर मौजूद व्यवस्थागत कमियों को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत सिंह असवाल और दिगंबर सिंह ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन को जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्य करना होगा। जनसभा में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं,बुद्धिजीवियों और नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस दौरान अनिल स्वामी,अनिल तिवारी,पृथ्वी बिष्ट,रावत मैडम,तन्मय,शंभू,अशोक सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए और राज्य में शांति,सौहार्द तथा मजबूत कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। सभा के अंत में वक्ताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से नागरासू प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा,चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को मजबूत करने तथा कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

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