
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास खण्ड खिर्सू में पिछले दो सप्ताह से गहराया पेयजल संकट आखिरकार समाप्त हो गया है। क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली ढिकवालगांव पेयजल पंपिंग योजना के पुनः सुचारू होने के बाद 78 से अधिक गांवों में जलापूर्ति बहाल हो गई है। लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पेयजल योजना बाधित होने से खिर्सू ब्लॉक के बुघाणी,देवलगढ़,जलेथा,बलोड़ी,सरणा,सुमाड़ी,ढिकवालगांव,धरीगांव,खालू,चमरोड़ा,भेसकोट,उज्ज्वलपुर सहित दर्जनों गांवों में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया था। जलापूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए प्राकृतिक स्रोतों,नौलों एवं दूरस्थ जलधाराओं पर निर्भर रहना पड़ रहा था। क्षेत्रवासियों के अनुसार पिछले दो सप्ताह से अधिक समय तक चली पानी की किल्लत ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं,बुजुर्गों और बच्चों को झेलनी पड़ी। ग्रामीणों को प्रतिदिन कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा था,जिससे दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। कई गांवों में सुबह से ही पानी भरने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही थीं। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था। पशुपालन एवं घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। लोगों ने विभाग से शीघ्र समाधान की मांग की थी। इस संबंध में जल संस्थान श्रीनगर के सहायक अभियंता अर्पित मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि ढिकवालगांव पेयजल पंपिंग योजना की एसीबी में तकनीकी खराबी आने के कारण जलापूर्ति बाधित हुई थी। विभागीय टीम द्वारा लगातार मरम्मत कार्य किया गया,जिसके बाद तकनीकी समस्या को दूर कर योजना को पुनः सुचारू कर दिया गया है। अब सभी प्रभावित गांवों में नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है। जलापूर्ति बहाल होने पर क्षेत्रवासियों ने राहत व्यक्त करते हुए विभागीय टीम का आभार जताया। ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचाव के लिए पेयजल योजनाओं के नियमित रखरखाव एवं वैकल्पिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग भी उठाई है।