
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी में युवाओं,महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्र के छोटे उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़ने तथा स्थानीय संसाधनों को आर्थिक गतिविधियों का आधार बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही है। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत आयोजित चौपाल में उद्यमिता की संभावनाओं,सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता,प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के प्रचार-प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर जनपद के विभिन्न विकासखंडों के लिए रवाना किया। यह प्रचार रथ दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर युवाओं,महिलाओं और स्थानीय उद्यमियों को योजना की जानकारी देने के साथ उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। आवश्यकता केवल इन संभावनाओं को पहचानकर उन्हें व्यवस्थित उद्यम का रूप देने की है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल सरकारी अथवा निजी नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें बल्कि अपनी प्रतिभा,स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि पौड़ी जनपद में डेयरी,स्थानीय उत्पादों का प्रसंस्करण,विनिर्माण,जड़ी-बूटी आधारित उत्पाद,मत्स्य पालन,काष्ठ उत्पाद सहित कई क्षेत्रों में स्वरोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। यदि स्थानीय उत्पादों को उचित प्रसंस्करण,आकर्षक पैकेजिंग और बेहतर विपणन से जोड़ा जाए तो उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। विधायक ने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम विकसित होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को अपने गांव और क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे पलायन रोकने की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। कार्यक्रम के दौरान देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद पौड़ी की तीन महिला उद्यमियों में पोखड़ा विकासखंड की दीपशिखा,कोट विकासखंड की लक्ष्मी देवी तथा यमकेश्वर की बीना देवी को सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं विकास भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जनपद के 16 उद्यमियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित उद्यमियों ने अपने अनुभव भी साझा किए और बताया कि किस प्रकार सरकारी योजनाओं,प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन का लाभ लेकर वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से जिले में उद्यम स्थापित करने के इच्छुक लोगों को एक ही मंच पर आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्यम की शुरुआत करने वाले व्यक्ति के सामने आवेदन प्रक्रिया,प्रशिक्षण,बैंकिंग सुविधा,वित्तीय सहायता और बाजार से जुड़ी कई चुनौतियां आती हैं। इन समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में योजना के तहत प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना की जानकारी लेने वाले युवाओं,महिलाओं एवं उद्यमियों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार रथ के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक जानकारी पहुंचने से उन लोगों को भी योजनाओं का लाभ मिलेगा,जो जानकारी के अभाव में अब तक सरकारी योजनाओं से नहीं जुड़ पाए हैं। चौपाल में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ उत्पादों की गुणवत्ता,प्रसंस्करण,पैकेजिंग और विपणन पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि उत्पाद को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ के पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय संसाधनों की अपनी विशिष्ट पहचान है। यदि इन्हें आधुनिक तकनीक,बेहतर पैकेजिंग और प्रभावी विपणन से जोड़ा जाए तो ग्रामीण क्षेत्र के छोटे उद्यम भी बड़े बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं। कार्यक्रम में युवाओं,महिलाओं एवं ग्रामीण उद्यमियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत उपलब्ध वित्तीय सहायता,प्रशिक्षण,बैंकिंग सुविधा और तकनीकी मार्गदर्शन की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उद्यम शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं से अवगत कराया। कार्यक्रम में नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी,ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी,परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,जिला विकास अधिकारी रमेश चंद,विधायक प्रतिनिधि चौबट्टाखाल रायसिंह नेगी,मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी,परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान कुलदीप बिष्ट,मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती,जिला मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा,अग्रणी जिला प्रबंधक किशन सिंह नेगी,मंडलीय उद्भवन प्रबंधक तनुज पुंडीर,व्यवसाय योजना एवं विकास विशेषज्ञ दर्शन उनियाल,विपणन विशेषज्ञ रितेश केष्टवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी,उद्यमी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे। चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों को पहचानकर उन्हें स्थानीय उद्यमिता से जोड़ना और युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना रहा। कार्यक्रम से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि यदि पहाड़ के स्थानीय संसाधनों,युवाओं की प्रतिभा और सरकारी योजनाओं को एक मंच पर लाया जाए तो पौड़ी में स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जा सकती है।