पौड़ी में बन रही भविष्य की प्रयोगशाला-जहां जिज्ञासा से जन्म लेंगे नए वैज्ञानिक और नवाचार

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में विज्ञान शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल तेजी से मूर्त रूप ले रही है। जिला मुख्यालय पौड़ी

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में विज्ञान शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल तेजी से मूर्त रूप ले रही है। जिला मुख्यालय पौड़ी में निर्माणाधीन जिला विज्ञान संग्रहालय अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जल्द ही यह बच्चों,युवाओं तथा आमजन के लिए ज्ञान,जिज्ञासा,नवाचार और वैज्ञानिक सोच का एक आधुनिक केंद्र बनने जा रहा है। सोमवार को जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने निर्माणाधीन विज्ञान संग्रहालय का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा इसे राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान केंद्रों की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संग्रहालय में स्थापित किए जा रहे वैज्ञानिक उपकरणों,इंटरएक्टिव प्रदर्शनी मॉडलों,डिजिटल डिस्प्ले,सूचना पैनलों और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान संग्रहालय केवल एक भवन या प्रदर्शनी स्थल नहीं होगा,बल्कि यह बच्चों की कल्पनाशक्ति,वैज्ञानिक सोच और नवाचार क्षमता को विकसित करने वाला एक जीवंत शिक्षण केंद्र बनेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संग्रहालय की थीम,प्रस्तुतीकरण और प्रदर्शन सामग्री को इस प्रकार विकसित किया जाए कि यहां आने वाला प्रत्येक बच्चा विज्ञान को केवल पढ़े नहीं,बल्कि उसे अनुभव भी कर सके। उन्होंने कहा कि विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरल,रोचक और संवादात्मक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थी प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान के मूल सिद्धांतों को सहजता से समझ सकें। जिलाधिकारी ने संग्रहालय में स्थापित किए जा रहे उपकरणों का निरीक्षण करते हुए कहा कि सभी वैज्ञानिक मॉडल बच्चों के लिए सुरक्षित,उपयोगकर्ता अनुकूल और आसानी से संचालित होने चाहिए। उन्होंने आवश्यकतानुसार उपकरणों के डिजाइन और संचालन प्रणाली में सुधार करने के निर्देश भी दिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के विज्ञान संग्रहालयों की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर उसी अनुरूप रखरखाव और संचालन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में प्रशिक्षित और दक्ष कार्मिकों की तैनाती की जाएगी,जो बच्चों और आगंतुकों को वैज्ञानिक मॉडलों एवं उपकरणों की कार्यप्रणाली को सरल भाषा में समझा सकें। इससे विद्यार्थियों को केवल जानकारी ही नहीं,बल्कि व्यवहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से बाला (Building as Learning Aid) अवधारणा को संग्रहालय के विकास का आधार बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भवन का प्रत्येक हिस्सा सीखने का माध्यम बने,ताकि बच्चे दीवारों,सीढ़ियों,गलियारों और प्रदर्शनी कक्षों से भी ज्ञान अर्जित कर सकें। इसी उद्देश्य से संग्रहालय तक पहुंचने वाली सीढ़ियों और मार्गों पर विज्ञान,शिक्षा और नवाचार से जुड़े प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक संदेश अंकित किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संग्रहालय परिसर की सौंदर्यवृद्धि और पर्यावरणीय दृष्टि से भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बेहतर प्रकाश व्यवस्था,स्वच्छता,आकर्षक लैंडस्केपिंग तथा परिसर के ऊर्ध्वाधर स्थानों को वर्टिकल गार्डन के रूप में विकसित करने की योजना पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय केवल विज्ञान का केंद्र नहीं होगा,बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का भी प्रेरक संदेश देगा। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के इस दौर में बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह संग्रहालय विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों की सीमाओं से बाहर निकालकर विज्ञान को प्रत्यक्ष रूप से देखने,समझने और प्रयोग करने का अवसर प्रदान करेगा। यहां स्थापित की जा रही इंटरएक्टिव प्रदर्शनियां बच्चों की जिज्ञासा को नई दिशा देंगी और उन्हें अनुसंधान तथा नवाचार के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयावधि में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं,ताकि शीघ्र ही यह महत्वाकांक्षी परियोजना जनपदवासियों को समर्पित की जा सके। संग्रहालय के शुरू होने से न केवल विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा,बल्कि यह जनपद में विज्ञान पर्यटन और शैक्षणिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना,जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी,डीएसटीओ राम सलोने,अधिशासी अभियंता आरडब्ल्यूडी विनोद कुमार जोशी,सहायक अभियंता विजय सुयाल,जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी,अधिशासी अधिकारी नगरपालिका संजय कुमार,शिक्षक मनीष रावत,शालिनी रावत,प्रयोगशाला सहायक अनुराग रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला विज्ञान संग्रहालय के रूप में पौड़ी को जल्द ही ऐसा ज्ञान केंद्र मिलने जा रहा है,जहां विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि बच्चों की आंखों के सामने जीवंत होकर उनकी जिज्ञासाओं को नई उड़ान देगा।

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