बच्चों की सुरक्षा पर डीएम सख्त-जर्जर स्कूलों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश,बाल स्वास्थ्य सेवाओं को भी मिलेगी नई मजबूती

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मानसून के आगमन के साथ ही विद्यालयों की सुरक्षा और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। विद्यार्थियों को सुरक्षित शैक्षणिक

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मानसून के आगमन के साथ ही विद्यालयों की सुरक्षा और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। विद्यार्थियों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के उद्देश्य से प्रशासन ने जर्जर विद्यालय भवनों,आपदा की दृष्टि से संवेदनशील परिसरों तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की तैयारियों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग निर्धारित समयसीमा में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मानसून के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए शिक्षा,स्वास्थ्य,वन,लोक निर्माण तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं,बल्कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य की नींव हैं। ऐसे में विद्यालय परिसरों,भवनों और पहुंच मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रत्येक संबंधित विभाग की साझा जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसरों में आपदा की दृष्टि से खतरा बने पेड़ों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को शिक्षा विभाग के साथ समन्वय बनाकर ऐसे सभी चिन्हित पेड़ों को शीघ्र हटाने को कहा,ताकि तेज बारिश और आंधी के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ आपदा प्रभावित विद्यालयों की मरम्मत के लिए कार्यदायी संस्था मंडी परिषद द्वारा अब तक प्राक्कलन उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को बदलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने हेतु तत्काल पत्र तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। आगामी मानसून को देखते हुए उन्होंने सभी क्षतिग्रस्त एवं जर्जर विद्यालयों की विस्तृत रिपोर्ट अगले ही दिन उपलब्ध कराने तथा 10 जुलाई तक सभी आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विद्यालय भवनों की स्थिति असुरक्षित है,वहां मरम्मत पूर्ण होने तक किसी भी परिस्थिति में कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिला योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की धीमी प्रगति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी को कार्यदायी संस्थाओं के साथ विशेष समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा तय समय सीमा के भीतर उन्हें पूरा कराने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बच्चों की स्क्रीनिंग,नामांकन,स्वास्थ्य परीक्षण और फॉलोअप की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी की पहचान और उपचार से बच्चों का भविष्य सुरक्षित बनाया जा सकता है। इसके लिए शिक्षा विभाग,स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग के बीच नियमित समन्वय आवश्यक है,ताकि कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने श्रीनगर बेस अस्पताल में निर्मित क्रिटिकल केयर ब्लॉक का उपयोग डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) के संचालन के लिए किए जाने का सुझाव देते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे जन्मजात एवं विकास संबंधी समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को जिले में ही बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा,गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय,संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें,ताकि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके और प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिवमोहन शुक्ला,मुख्य शिक्षा अधिकारी अत्रेश सयाना,जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट,एसीएमओ डॉ.पारुल गर्ग,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने,जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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