बद्रीनाथ-माणा की धरती पर गढ़वाल विश्वविद्यालय का सांस्कृतिक जलवा-लोकगीत में प्रथम और लोकनृत्य में द्वितीय स्थान से बढ़ाया देवभूमि का गौरव

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि की समृद्ध लोक-परंपराओं,सांस्कृतिक विरासत और लोककला की अनुपम छटा के बीच हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि की समृद्ध लोक-परंपराओं,सांस्कृतिक विरासत और लोककला की अनुपम छटा के बीच हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का गौरव बढ़ाया है। देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026 में विश्वविद्यालय की टीम ने लोकगीत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तथा लोकनृत्य प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय दिया। बदरीनाथ धाम एवं माणा की सुरम्य और आध्यात्मिक धरती पर 19 एवं 20 सितंबर 2026 को आयोजित देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति,लोकधुनों,लोकनृत्य परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय सेना एवं जिला प्रशासन चमोली द्वारा ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत आयोजित इस महोत्सव की विषयवस्तु हमारी विरासत,हमारा भविष्य रही। महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत,लोक परंपराओं एवं स्थानीय कलाओं को संरक्षण और संवर्धन प्रदान करने के साथ ही युवा प्रतिभाओं को व्यापक मंच उपलब्ध कराना रहा। इसी मंच पर एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से दर्शकों एवं निर्णायक मंडल का ध्यान आकर्षित किया। विश्वविद्यालय की टीम ने उत्तराखंड की लोकधुनों और लोकजीवन की भावनाओं पर आधारित सशक्त लोकगीत प्रस्तुति दी। निर्णायक मंडल द्वारा प्रस्तुति की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय की टीम को लोकगीत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रदान किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने पर टीम को एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने लोकनृत्य प्रतियोगिता में भी अपनी शानदार प्रस्तुति से उत्तराखंड की पारंपरिक नृत्य संस्कृति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा 75 हजार रुपये की पुरस्कार राशि अर्जित की। बदरीनाथ धाम और माणा क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पृष्ठभूमि में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड के लोकजीवन,परंपराओं और सांस्कृतिक स्मृतियों को मंच पर जीवंत कर दिया। युवा कलाकारों की प्रस्तुतियों में पहाड़ की मिट्टी की सुगंध,लोकजीवन की सहजता और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का भाव स्पष्ट दिखाई दिया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से यह भी संदेश दिया कि आधुनिकता के दौर में युवा पीढ़ी अपनी लोक विरासत से जुड़कर उसके संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस शानदार उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं,समन्वयकों,टीम प्रबंधकों एवं सहयोगी शिक्षकों को बधाई दी। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी जड़ों और लोक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं व्यापक मंच प्रदान करते हैं। देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026 में लोकगीत में प्रथम तथा लोकनृत्य में द्वितीय स्थान प्राप्त करना एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। विद्यार्थियों की इस सफलता ने न केवल विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया,बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति की जीवंतता और युवा पीढ़ी की सांस्कृतिक चेतना को भी प्रभावी ढंग से सामने रखा। विश्वविद्यालय की टीम के साथ समन्वयक डॉ.संजय पांडे,डॉ.गांधी चौहान एवं नंदा सती उपस्थित रहे। उनकी देखरेख एवं मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने दोनों प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सफलता अर्जित की।

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