बेटियों के स्वास्थ्य और सम्मान की पहल-पौड़ी में मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर चला बड़ा जागरुकता अभियान

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर जनपद पौड़ी गढ़वाल में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा व्यापक जागरुकता अभियान चलाया गया। जिले के सभी

📘 इन्हें भी पढ़ें

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर जनपद पौड़ी गढ़वाल में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा व्यापक जागरुकता अभियान चलाया गया। जिले के सभी विकासखंडों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता,व्यक्तिगत साफ-सफाई,पोषण तथा प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अभियान का उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक संकोच और भ्रांतियों को दूर कर बेटियों एवं महिलाओं को जागरुक,आत्मनिर्भर और स्वस्थ बनाना रहा। कार्यक्रमों के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत किशोरियों एवं महिलाओं को विशेषज्ञों द्वारा मासिक धर्म के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों,स्वच्छता के महत्व तथा संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि मासिक धर्म कोई बीमारी नहीं,बल्कि महिलाओं के जीवन की एक स्वाभाविक और जैविक प्रक्रिया है,जिसे लेकर खुलकर संवाद और सही जानकारी अत्यंत आवश्यक है। अभियान के अंतर्गत विभाग द्वारा 500 से अधिक किशोरियों को निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन वितरित किए गए। इस दौरान सैनिटरी नैपकिन के सुरक्षित उपयोग,समय-समय पर बदलने की आवश्यकता तथा उनके वैज्ञानिक एवं स्वच्छ निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में भी जागरुक किया गया। कार्यक्रमों में किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि विभाग लगातार किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी जनपद के विभिन्न विद्यालयों,आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं,जिससे जरूरतमंद किशोरियों एवं महिलाओं को आसानी से सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 28 मई को अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के औसतन 28 दिवसीय मासिक धर्म चक्र और लगभग पांच दिनों की मासिक अवधि का प्रतीक माना जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में मासिक धर्म को लेकर फैली झिझक,भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त कर महिलाओं एवं किशोरियों को सम्मानजनक और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरुक करना है। कार्यक्रमों में मौजूद किशोरियों और महिलाओं ने भी इस पहल को बेहद उपयोगी बताया। कई प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रकार के जागरुकता अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से आवश्यक हैं,जहां आज भी मासिक धर्म को लेकर खुलकर बातचीत नहीं हो पाती। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की यह पहल न केवल स्वास्थ्य जागरुकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है,बल्कि यह बेटियों के आत्मविश्वास,सम्मान और सुरक्षित भविष्य को मजबूत करने की दिशा में भी एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखी जा रही है।

नवीनतम समाचार – Dainik Himalya Times

नवीनतम समाचार

Loading...