
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की प्रगति को लेकर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने शनिवार को विकास भवन सभागार में बीस एवं पच्चीस सूत्रीय कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभागवार योजनाओं की प्रगति,निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति तथा विभिन्न मदों की श्रेणीवार स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को कम प्रगति वाले कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल 38 मदों की विभागवार समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने विशेष रूप से डी श्रेणी में शामिल मदों पर गंभीरता से ध्यान केंद्रित करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं अथवा मदों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है,उनकी नियमित निगरानी की जाए और लक्ष्यपूर्ति में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को अवगत कराया गया कि पिछले माह 11 मदें डी श्रेणी में थीं। विभागीय स्तर पर किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप इस माह स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में डी श्रेणी की मदों की संख्या घटकर केवल तीन रह गई है,जबकि आठ मदों को सुधार के बाद ए अथवा बी श्रेणी में लाया गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिन मदों में सुधार हुआ है,उसमें निरंतरता बनाए रखी जाए तथा शेष तीन मदों को भी बेहतर श्रेणी में लाने के लिए संबंधित विभाग ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी योजना की प्रगति केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे,बल्कि उसका वास्तविक लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए। सीडीओ अशोक जोशी ने कहा कि सरकार की विकास योजनाओं का मूल उद्देश्य आमजन को सुविधाएं और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ उपलब्ध कराना है। इसलिए अधिकारी अपने-अपने विभागों की योजनाओं की कागजी प्रगति के साथ-साथ धरातलीय स्थिति का भी नियमित अनुश्रवण करें। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करें और जहां प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है,वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में न हो तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। बैठक में पच्चीस सूत्रीय कार्यक्रम की भी विस्तार से समीक्षा की गई। सीडीओ ने संबंधित विभागों से योजनावार प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनकल्याण,रोजगार,सामाजिक सुरक्षा,ग्रामीण विकास और अन्य विकासात्मक गतिविधियों से जुड़ी योजनाओं को गति दी जा रही है। ऐसे में विभागों की जिम्मेदारी है कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसी योजना के क्रियान्वयन में यदि विभागीय अथवा व्यावहारिक स्तर पर कोई समस्या सामने आती है तो उसका समाधान संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने शासन स्तर से संबंधित प्रकरणों में आवश्यक पत्राचार और कार्रवाई समय से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा केवल बैठकों तक सीमित न रहे,बल्कि विभागीय स्तर पर भी निरंतर अनुश्रवण की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। बेहतर प्रदर्शन करने वाली मदों में उपलब्धि बनाए रखने के साथ ही कम प्रगति वाली मदों में विशेष प्रयास किए जाएं। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,जिला विकास अधिकारी रमेश चंद,मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.शैलेन्द्र पाण्डेय,एसीएमओ डॉ.अमित मेहरा,एसडीओ वन आयशा बिष्ट,डीपीओ देवेन्द्र थपलियाल,जिला परीवीक्षा अधिकारी अरविन्द कुमार,डीओ पीआरडी पंकज तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।