
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल मंडल में जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने,विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा शासन की प्राथमिकताओं को तय समयसीमा में पूरा करने के उद्देश्य से गढ़वाल मंडल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही,अनावश्यक विलंब अथवा लक्ष्य पूर्ति में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग को जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए आमजन तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना होगा। इन्हीं प्राथमिकताओं के मद्देनजर गुरुवार को आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में आयुक्त आनंद स्वरूप ने समाज कल्याण,स्वास्थ्य,शिक्षा,सहकारिता,पंचायत राज,ग्रामीण विकास,आयुष,युवा कल्याण तथा प्राविधिक शिक्षा सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण,निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति तथा सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने वृद्धावस्था,दिव्यांग,विधवा,परित्यक्ता एवं किसान पेंशन योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए कहा कि किसी भी अपात्र व्यक्ति को लाभ नहीं मिलना चाहिए और कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने किसान पेंशन लाभार्थियों का अन्य पेंशन योजनाओं से मिलान कर डुप्लीकेसी समाप्त करने के लिए विशेष सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी मुख्य विकास अधिकारियों को आधार सीडिंग का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने तथा पात्र लाभार्थियों की पहचान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के वार्षिक लक्ष्यों के अनुरूप मासिक कार्ययोजना तैयार कर नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षय रोग प्रभावित उच्च जोखिम वाले गांवों में शत-प्रतिशत एक्स-रे जांच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए आवश्यक संसाधनों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने को कहा,ताकि टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। शिक्षा विभाग की समीक्षा में आयुक्त ने सभी विद्यालयों में स्वच्छ,सुरक्षित एवं उपयोग योग्य भवन और शौचालय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी मरम्मत,रखरखाव अथवा अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता हो,वहां बिना विलंब प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं,ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। बैठक के दौरान चमोली,रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जनपदों में निर्माणाधीन राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों की धीमी प्रगति पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्माणदायी संस्थाओं ब्रिडकुल तथा अवस्थापना सिंचाई खंड के अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए। साथ ही रुद्रप्रयाग जनपद के सुमाड़ी-भरदार स्थित निर्माणाधीन विद्यालय का तृतीय पक्ष से गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए,ताकि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा हो सके। सहकारिता विभाग की समीक्षा में आयुक्त ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को जन सुविधा केंद्रों के रूप में प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जनपदवार प्रशिक्षण रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी समितियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देकर ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच और अधिक सुदृढ़ बनाई जाए। बैठक में पंचायत राज,ग्रामीण विकास,आयुष,युवा कल्याण एवं प्राविधिक शिक्षा विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे और प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी,निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ.आर.सी.पंत,अपर निदेशक अर्थ एवं संख्या गीतांजलि शर्मा,अपर निदेशक शिक्षा पी.के.बिष्ट,अपर निदेशक प्राविधिक शिक्षा देवेंद्र गिरी,परियोजना निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण विवेक कुमार उपाध्याय सहित मंडल स्तरीय नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।