
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक,सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक नगरी श्रीनगर स्थित श्री गणेश मंदिर में आयोजित श्री कूर्म महापुराण कथा के षष्ठम दिवस श्रद्धा,भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। व्यासपीठ पर विराजमान आचार्य मधुसूदन घिल्डियाल ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दिव्य चरित्र,सूर्यवंश की गौरवशाली परंपरा तथा भगवान के वंशजों का विस्तारपूर्वक वर्णन सुनाया। कथा के दौरान मां पार्वती के विवाह प्रसंग का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया,जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति में भावविभोर हो उठे। कथा व्यास आचार्य मधुसूदन घिल्डियाल ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन केवल एक धार्मिक आख्यान नहीं,बल्कि मर्यादा,सत्य,त्याग,कर्तव्य और आदर्श जीवन का मार्गदर्शन है। सूर्यवंश में भगवान श्रीराम का अवतरण धर्म की स्थापना और लोककल्याण के लिए हुआ। श्रीराम ने अपने जीवन में जिस प्रकार माता-पिता के वचन,भाई के प्रति प्रेम,प्रजा के प्रति उत्तरदायित्व और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा का परिचय दिया,वह प्रत्येक मनुष्य के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने सूर्यवंश की परंपरा का वर्णन करते हुए भगवान श्रीराम के पूर्वजों और वंश परंपरा पर भी प्रकाश डाला। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को बताया गया कि भारतीय सनातन परंपरा में वंश केवल रक्त संबंध की पहचान नहीं,बल्कि संस्कार,मर्यादा और धर्मपरायणता की निरंतर चलने वाली परंपरा का प्रतीक है। कथा के दौरान मां पार्वती और भगवान शिव के विवाह का प्रसंग अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। मां पार्वती की कठोर तपस्या,भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा तथा शिव-पार्वती के दिव्य मिलन का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। आचार्य ने कहा कि भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह केवल दैवीय विवाह नहीं,बल्कि शक्ति और शिव के सनातन मिलन का प्रतीक है। कथा के दौरान व्यासपीठ से धर्म,भक्ति और सनातन संस्कृति के संदेश ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया तथा भगवान गणेश एवं देवी-देवताओं के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा आयोजन में विद्वान पंडित मनीष डोभाल,वीरेन्द्र दत्त घिल्डियाल,संदीप पुरोहित,मनोज बंगवाल,संदीप उनियाल,भुवनेश भट्ट,नवीन सैफ तथा चन्द्र प्रकाश नैथानी सहित अनेक विद्वानों एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। वहीं गणेश मंदिर में कूर्म महापुराण कथा के सफल आयोजन में मुख्य पुजारी रामकृष्ण पाण्डे,प्रभात पाण्डे,मुकेश जोशी,कुशलानंद भट्ट,सुधीर बिष्ट,राघव जोशी,पवन बंसल,सुरेंद्र चौहान,हिमांशु अग्रवाल,राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल,मुकेश अग्रवाल सहित आयोजन मंडल के सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। षष्ठम दिवस की कथा के मुख्य यजमान पवन कुमार बंसल रहे। उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की। कथा आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कूर्म महापुराण कथा का श्रवण करने तथा सनातन धर्म की आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने का आह्वान किया गया। श्री गणेश मंदिर में चल रही इस दिव्य कथा के कारण श्रीनगर नगरी का वातावरण इन दिनों पूरी तरह आध्यात्मिक एवं भक्तिमय बना हुआ है। कथा श्रवण के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और व्यासपीठ से प्रवाहित हो रहे धर्म,संस्कृति एवं सनातन परंपरा के संदेश को आत्मसात कर रहे हैं। अत्र कुशलं तत्रास्तु-सभी प्राणी सुखी रहें,सभी का कल्याण हो और सनातन संस्कृति की यह दिव्य ज्योति निरंतर प्रज्वलित होती रहे।