
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि की सांस्कृतिक,धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी श्रीनगर में बढ़ती आबादी के बीच करीब दो दशक पुरानी सीवर व्यवस्था अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। नगर क्षेत्र में लंबे समय से बिछी सीवर लाइन के जर्जर होने और जगह-जगह चोक होने के कारण गंदे पानी की निकासी प्रभावित होने लगी है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से पुरानी सीवर लाइन का व्यापक सर्वे कराकर उसके पुनर्गठन एवं आवश्यकतानुसार नई और अधिक क्षमता वाली पाइप लाइन बिछाने की मांग की है। स्थानीय निवासी एवं कांग्रेस मीडिया प्रभारी लाल सिंह नेगी ने कहा कि श्रीनगर नगर क्षेत्र में लगभग 20 वर्ष पूर्व बिछाई गई सीवर लाइन अब अपनी निर्धारित क्षमता और उपयोगिता की सीमा पर पहुंच चुकी है। समय के साथ शहर की आबादी और भवनों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है,लेकिन सीवर व्यवस्था में उसी अनुपात में विस्तार और आवश्यक सुधार नहीं हो पाए हैं। परिणामस्वरूप कई स्थानों पर सीवर लाइन के चोक होने तथा गंदे पानी की निकासी बाधित होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि सीवर लाइन जर्जर होने के कारण कई जगह सीवर का गंदा पानी सड़कों और गलियों में बहने लगता है। इससे राहगीरों एवं स्थानीय निवासियों को दुर्गंध और गंदगी के बीच आवाजाही करनी पड़ती है। लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से जलजनित एवं मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। विशेष रूप से मानसून के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। लाल सिंह नेगी के अनुसार भारी बारिश के समय सीवर व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से कई स्थानों पर गंदे पानी की निकासी प्रभावित होती है और कुछ जगहों पर पानी घरों तथा शौचालयों की ओर वापस आने की स्थिति तक पैदा हो जाती है। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर पूर्व में भी पार्षदों और संबंधित कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराया जाता रहा है। शिकायत के बाद कई बार तत्काल राहत के लिए सीवर की सफाई अथवा चोक खोलने का कार्य किया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद समस्या फिर सामने आ जाती है। ऐसे में केवल अस्थायी सफाई व्यवस्था से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। लाल सिंह नेगी ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि श्रीनगर नगर क्षेत्र में बिछी पुरानी सीवर लाइन का तकनीकी सर्वे कराया जाए और जहां पाइप लाइन जर्जर अथवा कम क्षमता की है, वहां नई एवं अधिक क्षमता वाली पाइप लाइन बिछाने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी को देखते हुए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर सीवर व्यवस्था का पुनर्गठन किया जाना आवश्यक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रीनगर एक महत्वपूर्ण नगर होने के साथ-साथ शिक्षा,स्वास्थ्य,व्यापार और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में शहर की मूलभूत सुविधाओं में सीवर व्यवस्था का सुचारु होना बेहद जरूरी है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि समस्या को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए पुरानी सीवर लाइन के पुनर्गठन का कार्य जल्द शुरू किया जाए,ताकि शहरवासियों को गंदे पानी,दुर्गंध और जलभराव जैसी समस्याओं से स्थायी राहत मिल सके।