श्रीनगर में 17 सितंबर को सजेगा भक्ति-सेवा का महाकुंभ-संत निरंकारी समागम संग होगा विशाल रक्तदान शिविर

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि सांस्कृतिक,धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना की समृद्ध भूमि है,जहां भक्ति के साथ-साथ मानवसेवा को भी जीवन का श्रेष्ठ उद्देश्य माना जाता है। इसी सेवा,समर्पण,सद्भाव और

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि सांस्कृतिक,धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना की समृद्ध भूमि है,जहां भक्ति के साथ-साथ मानवसेवा को भी जीवन का श्रेष्ठ उद्देश्य माना जाता है। इसी सेवा,समर्पण,सद्भाव और आध्यात्मिक जागरण की भावना को साकार करते हुए संत निरंकारी मिशन की ओर से आगामी 17 सितंबर 2026 गुरुवार को श्रीनगर में जोन स्तरीय संत निरंकारी समागम एवं विशाल रक्तदान शिविर का भव्य आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर संत निरंकारी मिशन से जुड़े श्रद्धालुओं,सेवादारों और क्षेत्रवासियों में उत्साह का वातावरण है। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज के आशीर्वाद से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना ही नहीं,बल्कि समाज में मानवता,प्रेम,भाईचारा,परोपकार और सेवा भावना को मजबूत करना भी है। संत निरंकारी मिशन लंबे समय से आध्यात्मिक संदेश के साथ सामाजिक सेवा के विभिन्न कार्यों के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करता आ रहा है। रक्तदान शिविर बनेगा मानवसेवा का प्रेरक केंद्र
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पक्ष विशाल रक्तदान शिविर होगा। रक्तदान शिविर का शुभारंभ सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। आयोजन से जुड़े सेवादारों ने युवाओं सहित स्वस्थ नागरिकों से स्वेच्छा से रक्तदान कर इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने का आह्वान किया है। रक्तदान को महादान बताते हुए आयोजकों का कहना है कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने से बड़ा मानवसेवा का कार्य कोई दूसरा नहीं हो सकता। एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी दुर्घटना पीड़ित,प्रसूता,गंभीर रोगी अथवा जरूरतमंद मरीज के जीवन में आशा की नई किरण बन सकता है। इसी भावना के साथ रक्तदान शिविर को संत समागम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इसी दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक संत निरंकारी समागम आयोजित किया जाएगा। समागम में संतों एवं वक्ताओं द्वारा आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य,सदाचार,प्रेम,विनम्रता,सेवा,सद्भाव और आपसी भाईचारे पर प्रकाश डाला जाएगा। संत निरंकारी मिशन का मूल संदेश आत्म मंथन से जुड़ा है,जिसमें मनुष्य को बाहरी आडंबरों से ऊपर उठकर अपने भीतर झांकने और जीवन में सतगुरु के बताए मार्ग को अपनाने की प्रेरणा दी जाती है। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा कि आध्यात्मिकता केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है,बल्कि दुखी और जरूरतमंद मानव की सेवा करना भी सच्ची भक्ति का महत्वपूर्ण स्वरूप है। यह आयोजन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के मैदान श्रीनगर में होगा। धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम के साथ रक्तदान शिविर के आयोजन से यह स्थल एक दिन के लिए भक्ति,सेवा और मानवता के संगम का केंद्र बनेगा। आयोजकों की ओर से बताया गया है कि संत समागम के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए लंगर एवं प्रसाद की व्यवस्था भी की जाएगी। लंगर की परंपरा सामाजिक समानता और भाईचारे का संदेश देती है,जहां बिना किसी भेदभाव के सभी लोग एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। यही भावना समाज में आपसी प्रेम और एकजुटता को मजबूत करने का माध्यम बनती है। संत निरंकारी मंडल की ओर से क्षेत्र के श्रद्धालुओं,युवाओं,सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से इस आध्यात्मिक एवं मानवसेवा के आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई है। आयोजकों ने कहा कि संत समागम में सहभागिता जहां मनुष्य को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक विचार प्रदान करेगी,वहीं रक्तदान के माध्यम से समाज के किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में प्रत्यक्ष योगदान दिया जा सकेगा। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर संत निरंकारी मंडल के सेवादारों द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन को सफल बनाने में जोन इंचार्ज हरभजन सिंह,क्षेत्रीय संचालक जी.एस.चौहान तथा संयोजक हरिलाल शाह सहित मंडल के पदाधिकारी एवं सेवादार जुटे हुए हैं। 17 सितंबर को श्रीनगर में आयोजित होने वाला यह आयोजन इस संदेश को मजबूत करेगा कि धर्म केवल आराधना का विषय नहीं,बल्कि मानवता की सेवा का भी मार्ग है। जब भक्ति के साथ सेवा और आध्यात्मिकता के साथ परोपकार जुड़ता है,तभी समाज में वास्तविक सद्भाव और सकारात्मक परिवर्तन की नींव मजबूत होती है।

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