संस्कृत के जयघोष से गूंज उठा श्रीनगर-भव्य शोभायात्रा ने जगाया संस्कृति-संस्कारों के संरक्षण का अलख

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। संस्कृत सप्ताह महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मंगलवार को श्रीनगर की सड़कों पर देववाणी संस्कृत की गूंज के साथ भारतीय संस्कृति,सनातन परंपरा और संस्कारों का अद्भुत संगम

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। संस्कृत सप्ताह महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मंगलवार को श्रीनगर की सड़कों पर देववाणी संस्कृत की गूंज के साथ भारतीय संस्कृति,सनातन परंपरा और संस्कारों का अद्भुत संगम देखने को मिला। उत्तराखंड संस्कृत संस्थान हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित भव्य संस्कृत शोभायात्रा ने नगर को संस्कृत के जयघोष,वैदिक मंत्रोच्चार,श्लोकों और आकर्षक सांस्कृतिक झांकियों से गुंजायमान कर दिया। शोभायात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावशाली संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया। इसके बाद उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर से भव्य संस्कृत शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भण्डारी ने की। शोभायात्रा में श्रीनगर नगर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा,भारतीय संस्कृति,अध्यात्म,संस्कार एवं सनातन परंपराओं पर आधारित मनमोहक झांकियां प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों की अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी ने शोभायात्रा को भव्यता प्रदान की। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से शुरू हुई शोभायात्रा सब्जी मंडी,गोलाबाजार,गणेश बाजार,पौड़ी बस अड्डा,राष्ट्रीय राजमार्ग,काला रोड,गुरुद्वारा रोड और हटवाल गली होते हुए सराफा धर्मशाला पहुंची। यात्रा के दौरान संस्कृत के श्लोकों,वैदिक मंत्रों और सांस्कृतिक नारों से वातावरण आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक ऊर्जा से भर उठा। नगरवासियों ने भी शोभायात्रा का जगह-जगह उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं,बल्कि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा,दर्शन,साहित्य,विज्ञान,संस्कृति और संस्कारों की अमूल्य धरोहर है। भारतीय जीवन पद्धति और ज्ञान-विज्ञान की अनेक महत्वपूर्ण परंपराएं संस्कृत साहित्य में सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली विरासत से जोड़ने के लिए संस्कृत जैसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संस्कृत भाषा के संरक्षण,संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। विद्यालय स्तर पर संस्कृत से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने का उद्देश्य विद्यार्थियों में अपनी भाषा,संस्कृति और परंपराओं के प्रति गौरव की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी संस्कृत की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है,बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में इसकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के सचिव प्रो.विनय कुमार विद्यालंकार ने कहा कि संस्कृत सप्ताह के माध्यम से देववाणी संस्कृत की समृद्ध परंपरा को समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। संस्कृत हमारी संस्कृति,ज्ञान,दर्शन,परंपरा और संस्कारों की आधारभूत धरोहर है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संस्कृत शोभायात्रा जैसे आयोजन केवल भाषा के प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं हैं,बल्कि इनके माध्यम से विद्यार्थियों और समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर शोभायात्रा को भव्य एवं सफल स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं विभागाध्यक्षों को उत्तराखंड संस्कृत संस्थान की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने विद्यालयों के आचार्यों,शिक्षकों,कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक सहभागिता से ही संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान सफल हो सकता है। कार्यक्रम में उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के सचिव प्रो.विनय कुमार विद्यालंकार,शोभायात्रा के संयोजक एवं खंड शिक्षा अधिकारी खिर्सू अश्वनी रावत,सहसंयोजक एवं श्री जयदयाल अग्रवाल संस्कृत विद्यालय श्रीनगर के प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद सकलानी,राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर की प्रधानाचार्य मीना गैरोला,सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा पौड़ी मनोज कुमार सिमल्टी,अनुसूया प्रसाद सेमवाल,डॉ.ओम प्रकाश पुरवाल,डॉ.नवीन पन्त,डॉ.जनार्दन केरवान,भाजपा जिला महामंत्री गणेश भट्ट,पार्षद पंकज सती,प्रवेश चमोली,संजय मिश्रा,शुभम प्रभाकर सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य,शिक्षक,संस्कृत शिक्षाधिकारी,विद्यार्थी एवं नगर निगम के पार्षद मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्कृत संस्थान के शोध अधिकारी डॉ.हरिश गुरुरानी ने किया। भव्य संस्कृत शोभायात्रा ने श्रीनगर से यह स्पष्ट संदेश दिया कि संस्कृत केवल अतीत की भाषा नहीं,बल्कि भारतीय संस्कृति,ज्ञान और संस्कारों को भविष्य की पीढ़ी तक पहुंचाने वाली जीवंत धरोहर है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और नगरवासियों की सहभागिता ने संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ को यादगार बना दिया।

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