सौर ऊर्जा से चमकेगा श्रीनगर-मुख्यमंत्री की घोषणा को धरातल पर उतारने में जुटी मेयर आरती भण्डारी

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी सोच और हरित विकास के विजन को अब श्रीनगर गढ़वाल में धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी से कार्य प्रारम्भ

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी सोच और हरित विकास के विजन को अब श्रीनगर गढ़वाल में धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी से कार्य प्रारम्भ हो गया है। श्रीनगर को प्रदेश की आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना अब गति पकड़ती दिखाई दे रही है। नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल की महापौर आरती भण्डारी की सक्रिय पहल के बाद शासन स्तर पर भी इस परियोजना को लेकर गंभीरता बढ़ गई है। इसी क्रम में महापौर आरती भण्डारी ने मुख्यमंत्री के सचिव शैलेश बगोली से शिष्टाचार भेंट कर श्रीनगर सोलर सिटी परियोजना को शीघ्र अमलीजामा पहनाने का आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीनगर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और पर्यावरण संरक्षण का मॉडल शहर बनाने का यह उपयुक्त समय है। महापौर ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैकुंठ चतुर्दशी मेले के उद्घाटन अवसर पर श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की ऐतिहासिक घोषणा की थी। तभी से नगर निगम लगातार इस दिशा में प्रयासरत है,ताकि यह घोषणा केवल कागजों तक सीमित न रहकर वास्तविकता का रूप ले सके। महापौर की पहल पर मुख्यमंत्री के सचिव शैलेश बगोली ने शहरी विकास विभाग एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को परियोजना के क्रियान्वयन हेतु त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। शासन स्तर पर मिले इस सकारात्मक संकेत के बाद नगरवासियों में उत्साह और उम्मीद का माहौल है। लोगों को विश्वास है कि आने वाले समय में श्रीनगर प्रदेश के अग्रणी सोलर शहरों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा। इससे पूर्व नगर निगम सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में श्रीनगर को स्वच्छ ऊर्जा आधारित शहर बनाने को लेकर विस्तृत मंथन किया गया था। बैठक में सरकारी भवनों पर सोलर पैनल स्थापित करने,सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने,विद्यालयों,अस्पतालों और सार्वजनिक संस्थानों में सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली खर्च में कमी और पर्यावरण संरक्षण के लाभों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। महापौर आरती भण्डारी ने कहा कि सोलर तकनीक आज केवल विकल्प नहीं बल्कि भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के उपयोग से बिजली की बचत होगी,कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। साथ ही नगर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप श्रीनगर को सोलर सिटी बनाना केवल विकास परियोजना नहीं,बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य तैयार करने का संकल्प है। नगर निगम सभी विभागों और आम नागरिकों के सहयोग से इस लक्ष्य को जल्द साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। महापौर ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में श्रीनगर गढ़वाल प्रदेश के प्रमुख सोलर शहरों में शामिल होकर उत्तराखंड के अन्य नगरों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बनेगा। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी,बल्कि श्रीनगर की आधुनिक और स्मार्ट शहर के रूप में नई पहचान भी स्थापित करेगी।

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