स्वच्छता में श्रीनगर ने रचा इतिहास-उत्तराखंड में पहली बार बार्बर दुकानों से यूज्ड ब्लेड का वैज्ञानिक संग्रहण शुरू

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं,बल्कि जनस्वास्थ्य,पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित अपशिष्ट प्रबंधन का भी आधार है। इसी सोच को साकार करते हुए नगर निगम श्रीनगर ने स्वच्छ

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं,बल्कि जनस्वास्थ्य,पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित अपशिष्ट प्रबंधन का भी आधार है। इसी सोच को साकार करते हुए नगर निगम श्रीनगर ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के अंतर्गत उत्तराखंड में पहली बार ऐसा अभिनव और दूरदर्शी कदम उठाया है,जिसकी प्रदेशभर में सराहना हो रही है। नगर निगम ने नगर क्षेत्र की सभी बार्बर (नाई) दुकानों से उपयोग की गई ब्लेडों के पृथक संग्रहण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था लागू कर खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। करीब एक माह पूर्व नगर निगम द्वारा नगर क्षेत्र की सभी बार्बर दुकानों को विशेष रूप से तैयार किए गए ब्लेड बिन उपलब्ध कराए गए थे। बुधवार को इस अभियान के तहत पहली बार सभी दुकानों से उपयोग की गई ब्लेडों का व्यवस्थित संग्रहण कर उन्हें वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण के लिए भेजा गया। यह पहल केवल एक स्वच्छता अभियान नहीं,बल्कि जनसुरक्षा,पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में उठाया गया दूरगामी कदम माना जा रहा है। अब तक उपयोग की गई ब्लेड सामान्य कूड़े के साथ फेंक दी जाती थीं,जिससे नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों के घायल होने का खतरा बना रहता था। कई बार खुले में पड़ी ब्लेडों से पशुओं को भी नुकसान पहुंचता था और पर्यावरण प्रदूषण की समस्या भी उत्पन्न होती थी। नगर निगम की इस नई व्यवस्था से इन सभी जोखिमों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में ठोस पहल की गई है। अब उपयोग की गई ब्लेडों को अलग से एकत्रित कर वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप सुरक्षित तरीके से निस्तारित किया जाएगा,जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। महापौर आरती भण्डारी ने कहा कि नगर निगम श्रीनगर स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए निरंतर नवाचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पहली बार बार्बर दुकानों से उपयोग की गई ब्लेडों के पृथक संग्रहण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था लागू कर श्रीनगर ने पूरे प्रदेश के लिए एक नई मिसाल प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पशुओं की रक्षा,पर्यावरण संरक्षण तथा शहर को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि जनसहभागिता से ही स्वच्छ,सुंदर और विकसित श्रीनगर का सपना साकार होगा। नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने कहा कि नगर निगम श्रीनगर स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के अंतर्गत केवल नियमित सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है,बल्कि ठोस एवं खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन में भी नवीन प्रयोग कर रहा है। बार्बर दुकानों से उपयोग की गई ब्लेडों का पृथक संग्रहण इसी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इससे खतरनाक अपशिष्ट सामान्य कूड़े में नहीं जाएगा,जिससे स्वच्छता कर्मियों,आम नागरिकों एवं पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने नगर क्षेत्र के सभी बार्बरों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि जनभागीदारी के बल पर श्रीनगर स्वच्छता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार ने बताया कि नगर निगम प्रत्येक माह बार्बर दुकानों से उपयोग की गई ब्लेडों का नियमित संग्रहण करेगा तथा उनका वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले ये ब्लेड खुले में अथवा सामान्य कूड़े में चली जाती थीं, जिससे दुर्घटनाओं और संक्रमण का खतरा बना रहता था। अब इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी,बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी नई दिशा मिलेगी। उन्होंने सभी बार्बर संचालकों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान जनभागीदारी के कारण ही सफल हो रहा है। नगर निगम श्रीनगर की यह अभिनव पहल स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के अंतर्गत प्रदेश की एक मॉडल परियोजना के रूप में देखी जा रही है। यदि यह अभियान इसी प्रकार सफलतापूर्वक आगे बढ़ता रहा,तो भविष्य में उत्तराखंड के अन्य नगर निकाय भी इसे अपनाकर खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में प्रभावी कदम उठा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नवाचार न केवल शहरों को स्वच्छ बनाएंगे,बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम देंगे। इस अवसर पर मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार,सफाई निरीक्षक अर्जुन मुंगेरिया,नगर निगम के कर्मचारी,पर्यावरण मित्र तथा बार्बर समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। नगर निगम श्रीनगर की यह पहल स्वच्छता,पर्यावरण संरक्षण,जनसुरक्षा और नवाचार आधारित शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में उत्तराखंड के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरी है।

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