
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में पर्यावरण संरक्षण को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए एक महत्वाकांक्षी पहल आकार लेती नजर आ रही है। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में वन संरक्षण,भूमि क्षरण नियंत्रण और स्थानीय आजीविका संवर्धन को एकीकृत करते हुए ठोस कार्ययोजना पर गहन मंथन किया गया। यह पहल भारत-जर्मन तकनीकी सहयोग परियोजना के अंतर्गत संचालित हो रही है,जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) के लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। बैठक में जिला समन्वय समिति के सदस्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने तकनीकी,सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। बैठक के दौरान स्पष्ट किया गया कि जनपद में शीघ्र ही चयनित स्थलों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस योजना का क्रियान्वयन शुरू किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चयनित क्षेत्रों में आजीविका गतिविधियों की व्यवहारिक और स्पष्ट रूपरेखा तैयार की जाए,जिससे स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। साथ ही सभी योजनाओं को परिणाम आधारित बनाने और उनके प्रभाव का नियमित मूल्यांकन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। वन एवं वृक्ष आच्छादन बढ़ाने,भूमि क्षरण को रोकने,जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए समेकित दृष्टिकोण अपनाने पर सहमति बनी। इसके साथ ही वन आधारित आजीविका-जैसे पीरूल आधारित उद्योग,पर्यटन विकास,दुग्ध उत्पादन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि योजना की सफलता के लिए स्थल चयन सबसे अहम कड़ी है। चयनित क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों,स्थानीय जरूरतों और संभावित रोजगार के अवसरों का गहन अध्ययन कर योजनाओं को व्यवहारिक और टिकाऊ बनाया जाएगा। वन विभाग लैंसडाउन को प्रस्तावित स्थलों का शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए,वहीं प्रभागीय वनाधिकारी को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उपयुक्त भूमि चिन्हित करने को कहा गया। इस प्रक्रिया में सुगमता,व्यवहारिकता और स्थानीय समुदाय की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने भरोसा जताया कि इस योजना के माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी,बल्कि स्थानीय संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित करते हुए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ समयबद्ध तरीके से योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। बैठक में पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी,परियोजना सलाहकार अपर्णा पाण्डे,जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी,उप प्रभागीय वनाधिकारी लैंसडाउन रजत कपिल,परियोजना से दीपिका छेत्री सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। स्पष्ट है कि पौड़ी जनपद अब हरित विकास मॉडल की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा रहा है,जहां पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन एक साथ आगे बढ़ेंगे।