हिमालय के प्रहरी होंगे सम्मानित-सुंदरलाल बहुगुणा स्मृति समारोह में गूंजेगा पर्यावरण संरक्षण और जनसंघर्ष का स्वर

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। सुंदर लाल बहुगुणा की स्मृति को समर्पित सुंदर लाल बहुगुणा स्मृति समारोह-2026 इस वर्ष भी भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। वर्ष 2022 से लगातार आयोजित हो

📘 इन्हें भी पढ़ें

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। सुंदर लाल बहुगुणा की स्मृति को समर्पित सुंदर लाल बहुगुणा स्मृति समारोह-2026 इस वर्ष भी भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। वर्ष 2022 से लगातार आयोजित हो रहा यह प्रतिष्ठित समारोह अब देशभर में पर्यावरण संरक्षण,जनसंघर्ष और गांधीवादी विचारधारा से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। इस वर्ष समारोह का आयोजन 21 मई को सांस्कृतिक प्रेक्षागृह,आकाशवाणी के निकट आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन पर्वतीय नवजीवन मंडल आश्रम एवं सेव हिमालय मूवमेंट द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। समारोह में हर वर्ष उन संघर्षशील व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाता है,जिन्होंने अपने जीवन को पर्यावरण संरक्षण,सामाजिक सरोकारों और जनहित के आंदोलनों के लिए समर्पित किया हो। इसी क्रम में इस वर्ष हिमालय प्रहरी सम्मान-2026 पुरुष वर्ग में प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता दयाल भाई तथा महिला वर्ग में गांधीवादी विचारधारा की अग्रदूत एवं समाजसेविका कमला पाठक को प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है। बताया गया कि तीन सदस्यीय चयन समिति ने पुरुष एवं महिला वर्ग में प्राप्त पांच-पांच नामों पर गंभीर विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से इन दोनों नामों का चयन किया। चयन समिति में वरिष्ठ पत्रकार एवं बहुगुणा परिवार के सदस्य राजीव नयन बहुगुणा,हिमालय बचाओ आंदोलन से जुड़े डॉ.अरविन्द दरमोड़ा तथा पर्वतीय नवजीवन मंडल आश्रम के अध्यक्ष डॉ.राजेन्द्र डोभाल शामिल रहे। चिपको आंदोलन के साहसी प्रहरी रहे दयाल भाई पाली गांव में एक साधारण किसान परिवार में जन्मे जिन्हें पूरा क्षेत्र दयाल भाई के नाम से जानता है,युवावस्था से ही जनआंदोलनों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ गए थे। चिपको आंदोलन के दौरान उन्होंने अदवाणी और खुरेत क्षेत्रों में जंगल बचाने के संघर्ष में अग्रिम भूमिका निभाई। आंदोलन के दौरान जब एक ठेकेदार रात के अंधेरे में जंगल कटान के उद्देश्य से पहुंओर और आंदोलनकारियों को डराने-धमकाने का प्रयास किया,तब दयाल भाई ने अपने साथियों रामराज बड़ोनी और जीवानंद श्रीयाल के साथ निर्भीक होकर उसका सामना किया। उनके साहस और दृढ़ निश्चय के कारण उस रात जंगल कटने से बच गया। दयाल भाई केवल जंगल बचाने तक सीमित नहीं रहे,बल्कि उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और जनता के अधिकारों के लिए भी संघर्ष किया। नरेंद्र नगर में पेड़ों की नीलामी के विरोध में आंदोलन करने पर उन्हें अन्य साथियों के साथ 14 दिनों तक जेल भी जाना पड़ा। उनका जीवन त्याग,संघर्ष और जनसेवा का जीवंत उदाहरण रहा है। महिला वर्ग में सम्मानित होने जा रही कमला पाठक गांधीवादी जीवन मूल्यों की सशक्त प्रतिनिधि मानी जाती हैं। उन्होंने लक्ष्मी आश्रम में गांधी की अंग्रेज शिष्या सरला बहन के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद वे सेवाग्राम आश्रम में सक्रिय रहीं तथा विनोबा भावे के भूदान आंदोलन की पदयात्राओं में लंबे समय तक सहयोगी बनीं। वे वर्ष 1956 में स्थापित पर्वतीय नवजीवन मंडल आश्रम सिल्यारा की संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और 89 वर्ष की आयु में भी गांधी साहित्य के अध्ययन और समाजसेवा से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। देश के वरिष्ठ सामाजिक चिंतक रहे हैं समारोह का हिस्सा सुंदरलाल बहुगुणा स्मृति समारोह की विशेषता यह रही है कि इसमें देश के कई प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और चिंतक अपनी सहभागिता देते रहे हैं। पूर्व वर्षों में सोनम वांगचुक,मेधा पाटकर,डॉ.राजेन्द्र सिंह,डॉ.अनिल जोशी तथा तारा गांधी जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं। इस वर्ष समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार कमर वहीद नकवी शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर सामाजिक संगठनों,पर्यावरण प्रेमियों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। हिमालय की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले पद्म विभूषण से सम्मानित सुंदर लाल बहुगुणा को याद करते हुए आयोजकों ने कहा कि उनके विचार और संघर्ष आज भी समाज को प्रकृति संरक्षण और जनचेतना की नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।

नवीनतम समाचार – Dainik Himalya Times

नवीनतम समाचार

Loading...