
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर बार एसोसिएशन के संरक्षक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप पांथरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से देहरादून स्थित उनके कैंप कार्यालय में शिष्टाचार भेंट कर अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं एवं सुविधाओं से संबंधित मांगों को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को पश्चिम बंगाल,पुडुचेरी और असम में पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में कैथ लैब के शुभारंभ तथा वहां कार्यरत 277 कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ दिए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनहित और कर्मचारी हित में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय बताया। वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप पांथरी ने मुख्यमंत्री के समक्ष श्रीनगर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के लिए चैंबर्स निर्माण,फर्नीचर व्यवस्था,विधिक पुस्तकों से सुसज्जित पुस्तकालय तथा आवासीय परिसर निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने से न्यायिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा आमजन को भी न्यायिक प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्य सेवक की भावना से किए जा रहे जनकल्याणकारी,साहसिक और विकासोन्मुखी कार्यों से आज पूरा प्रदेश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला कदम साबित हुआ है। अनूप पांथरी ने यह भी कहा कि राज्य में लागू किया गया देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय है। इससे मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं में विश्वास बढ़ा है तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर बार एसोसिएशन मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों एवं जनहितकारी नीतियों का स्वागत करते हुए उनका हार्दिक अभिनंदन करती है। इस अवसर पर आभार एवं खुशी व्यक्त करने वालों में अर्जुन सिंह भंडारी,दीपक भंडारी,प्रमेश चंद्र जोशी,विकास पंत,ब्रह्मानंद भट्ट,देवी प्रसाद खरे,प्रदीप मैठाणी,सुबोध भट्ट,बलवीर सिंह रौतेला,सुरेंद्र सिंह रौथाण,ओम प्रकाश मैठाणी,आनंद सिंह बुटोला,नितेश भारती,गौरव उपाध्याय,रतन सिंह बिष्ट,परमानंद मैठाणी सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।