बेस अस्पताल श्रीनगर में पर्यावरण मित्रों के लिए शुरु हुआ विशेष स्वास्थ्य परीक्षण अभियान-103 कर्मियों की हुई व्यापक जांच

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती केवल आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सकों से ही नहीं,बल्कि उन कर्मयोगियों से भी तय होती है जो दिन-रात अस्पताल की स्वच्छता और

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती केवल आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सकों से ही नहीं,बल्कि उन कर्मयोगियों से भी तय होती है जो दिन-रात अस्पताल की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहते हैं। इन्हीं अनदेखे नायकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान एवं हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल,श्रीनगर ने एक सराहनीय और मानवीय पहल की शुरुआत की है। संस्थान प्रशासन द्वारा पर्यावरण मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण अभियान प्रारंभ किया गया,जिसका उद्देश्य अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी,बीमारियों की समय रहते पहचान और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है। यह अभियान संस्थान के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना के निर्देशन में शुरू किया गया। उल्लेखनीय है कि संस्थान द्वारा पूर्व में एमबीबीएस छात्रों के स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी,जिसके सकारात्मक परिणामों के बाद अब इस महत्वपूर्ण पहल को पर्यावरण मित्रों और स्वच्छता कर्मियों तक विस्तारित किया गया है। पहले दिन 103 से अधिक कर्मचारियों की जांच अभियान के प्रथम दिन बेस अस्पताल श्रीनगर में कार्यरत 103 से अधिक पर्यावरण मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान कर्मियों की टेटनिस एवं हेपिटाइटिस वैक्सीनेशन, चेस्ट एक्स-रे,ब्लड जांच सहित कई आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण पूरी तरह निःशुल्क कराए गए। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि नियमित स्वास्थ्य जांच से कर्मचारियों में संक्रमणजनित बीमारियों की समय पर पहचान हो सकेगी और उन्हें सुरक्षित एवं बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मानसिक स्वास्थ्य और खुशहाली पर विशेष व्याख्यान कार्यक्रम की विशेषता केवल शारीरिक स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं रही,बल्कि कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मनोरोग विभाग के चिकित्सकों द्वारा सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य,लचीलापन एवं खुशहाली को बढ़ावा देना विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस दौरान तनाव प्रबंधन,मानसिक संतुलन बनाए रखने,कार्यस्थल पर सकारात्मक सोच विकसित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने बताया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील और व्यस्त वातावरण में कार्य करने वाले कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल उतनी ही आवश्यक है जितनी शारीरिक स्वास्थ्य की। इस स्वास्थ्य परीक्षण अभियान में संस्थान के विभिन्न विभागों के चिकित्सकों,नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग दिया। अस्पताल प्रशासन की इस पहल को पर्यावरण मित्रों और कर्मचारियों ने अपने स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सराहना की। प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में पर्यावरण मित्रों और स्वच्छता कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये कर्मचारी दिन-रात मरीजों और अस्पताल परिसर की सेवा में समर्पित रहते हैं,इसलिए उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों को न केवल बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी,बल्कि उनमें सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना भी मजबूत होगी। डॉ.सयाना ने यह भी स्पष्ट किया कि संस्थान भविष्य में भी कर्मचारियों के स्वास्थ्य,मानसिक संतुलन और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम लगातार आयोजित करता रहेगा। बेस अस्पताल श्रीनगर की यह पहल केवल एक स्वास्थ्य परीक्षण अभियान नहीं,बल्कि उन कर्मयोगियों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का प्रतीक है,जो प्रतिदिन अस्पताल को स्वच्छ,सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं को साथ लेकर चलने वाला यह अभियान निश्चित रूप से अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित होगा।

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