श्रीनगर में आधुनिक शिक्षा की नई उड़ान-डॉ.धन सिंह रावत ने दी हाईटेक लैब्स और विकास कार्यों की सौगात

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक,तकनीक आधारित और रोजगारपरक बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के कैबिनेट

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक,तकनीक आधारित और रोजगारपरक बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने अपने तीन दिवसीय श्रीनगर क्षेत्रीय भ्रमण के दूसरे दिन राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर में अत्याधुनिक पर्सनलाइज्ड एडैप्टिव लर्निंग लैब एवं अटल लैब का शुभारम्भ कर क्षेत्र के विद्यार्थियों को डिजिटल और वैज्ञानिक शिक्षा की नई सौगात दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर उत्साह,ऊर्जा और नवाचार के वातावरण से सराबोर नजर आया। छात्र-छात्राओं ने आधुनिक तकनीकों,रोबोटिक्स और डिजिटल उपकरणों का प्रदर्शन किया,जिसे देखकर डॉ.रावत ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि आने वाला समय तकनीक और नवाचार का है तथा उत्तराखंड के बच्चों को भी उसी स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं,ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई के बीच बाधा न बने। उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालयों में भी आधुनिक शिक्षा,स्मार्ट तकनीक और प्रयोगात्मक अध्ययन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं,जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि पर्सनलाइज्ड एडैप्टिव लर्निंग लैब विद्यार्थियों की व्यक्तिगत क्षमता और सीखने की गति के अनुसार शिक्षा प्रदान करेगी,जबकि अटल लैब बच्चों में वैज्ञानिक सोच,रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करेगी। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्र विज्ञान,रोबोटिक्स,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,डिजिटल टेक्नोलॉजी और आधुनिक शोध आधारित शिक्षा से जुड़ सकेंगे। डॉ.रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आधुनिक लैब के निर्माण पर लगभग 75 लाख रुपये की लागत आई है,जबकि विद्यालय के विकास के लिए 81 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है,बल्कि गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे विद्यालयों में आयोजित मासिक बैठकों में नियमित भाग लें और अपने बच्चों की प्रगति पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं,बल्कि भविष्य निर्माण की प्रयोगशाला होते हैं, जहां से समाज और राष्ट्र का स्वरूप तय होता है। राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए डॉ.रावत ने कहा कि इस संस्थान ने देश और विदेश में अनेक प्रतिभाएं दी हैं। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को सुझाव दिया कि विद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राओं का एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया जाए,ताकि पुराने विद्यार्थी अपने विद्यालय के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व छात्र अपने विद्यालयों को गोद लेकर सहयोग करें तो सरकारी विद्यालयों की तस्वीर और अधिक बदली जा सकती है। अपने भ्रमण के दौरान डॉ.रावत ने कंसमर्दनी,तिवारी मोहल्ला,ट्रेजरी मोहल्ला और गणेश बाजार क्षेत्रों में जनसंपर्क कर स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार विकास और जनसुविधाओं को लेकर पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। इस दौरान उन्होंने पौड़ी-खिर्सू-श्रीनगर मोटर मार्ग से कोल्ठा गांव तक द्वितीय चरण (स्टेज-1) मोटर मार्ग निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया। लगभग 79.51 लाख रुपये की लागत और 2 किलोमीटर लंबाई वाले इस मोटर मार्ग से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क मजबूत होने से शिक्षा,स्वास्थ्य,कृषि और रोजगार के अवसरों तक लोगों की पहुंच आसान होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इसके अतिरिक्त डॉ.रावत ने राजकीय इंटर कॉलेज मरखोड़ा में भी विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें विद्यालय तक इंटरलॉकिंग टाइल्स मार्ग निर्माण,भवन अनुरक्षण एवं सौंदर्यीकरण,छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय निर्माण,भवन एवं छत मरम्मत जैसे कार्य शामिल रहे। उन्होंने कहा कि बेहतर आधारभूत सुविधाओं से विद्यार्थियों को सकारात्मक शैक्षिक वातावरण मिलेगा और सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत होगा। कार्यक्रम के अंतर्गत खिर्सू विकासखंड के ग्राम भैसकोट में भी जनसंपर्क कर स्थानीय नागरिकों से संवाद किया गया। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं तथा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार,जनप्रतिनिधियों,भाजपा पदाधिकारियों,सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। उपस्थित लोगों ने कहा कि आधुनिक शिक्षा और विकास कार्यों की ये पहलें क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य करेंगी।

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