
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से क्षेत्राधिकारी सदर पौड़ी तपेश कुमार चंद ने रविवार को कोतवाली श्रीनगर एवं महिला थाना श्रीनगर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं,अपराध नियंत्रण,पुलिस की कार्यप्रणाली तथा आमजन से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। सीओ सदर ने निरीक्षण के दौरान थाना अभिलेखों,अपराध रजिस्टर,लंबित विवेचनाओं तथा ड्यूटी व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने पुलिस कर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान अनुशासन,समयबद्ध कार्यशैली और जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही आमजन के साथ सौम्य व्यवहार एवं त्वरित कार्रवाई के माध्यम से जनता का विश्वास और अधिक मजबूत किया जाए। महिला थाना श्रीनगर के निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी ने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए महिला हेल्पडेस्क की कार्यप्रणाली,पीड़ित सहायता प्रणाली तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि महिलाओं से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता,गोपनीयता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय और सुरक्षा मिल सके। निरीक्षण के दौरान नगर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। सीओ तपेश कुमार चंद ने रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने,संदिग्ध व्यक्तियों की नियमित चेकिंग,होटल-ढाबों का सत्यापन तथा बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन अभियान को लगातार संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की नियमित उपस्थिति अपराध नियंत्रण के लिए बेहद आवश्यक है। चारधाम यात्रा के चलते लगातार बढ़ रही आवाजाही और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्किंग व्यवस्था,भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी और यात्रा मार्गों पर सतत पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए,जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त थाना क्षेत्र में स्थापित सीसीटीवी कैमरों,संचार उपकरणों एवं आपातकालीन संसाधनों की कार्यशीलता की भी समीक्षा की गई। क्षेत्राधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा उपकरण सदैव एक्टिव मोड में रहें तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए,ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों में अनुशासन और कार्य के प्रति गंभीरता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। क्षेत्राधिकारी के इस आकस्मिक निरीक्षण को कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा पुलिसिंग व्यवस्था को जनोन्मुखी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।