
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम सभागार में गूंजा गढ़वाली संस्कृति,लोकभाषा और पहाड़ की मिट्टी की सुगंध को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भागीरथी कला संस्था के बैनर तले एमजी फिल्म के सौजन्य से निर्माता-निर्देशक मदन गोड़ाई द्वारा निर्मित गढ़वाली लघु फिल्म बैमि शंख का भव्य विमोचन नगर निगम सभागार श्रीनगर में किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर निगम मेयर आरती भण्डारी ने फिल्म का रिबन काटकर विधिवत विमोचन किया। इस दौरान सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ फिल्म और कलाकारों का स्वागत किया। समारोह की अध्यक्षता राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल ने की। वहीं फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक मदन गोड़ाई ने मेयर आरती भण्डारी का पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि गढ़वाली फिल्मों के माध्यम से पहाड़ की संस्कृति,लोक परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। मुख्य अतिथि मेयर आरती भण्डारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्थानीय भाषा और संस्कृति को जीवित रखने में क्षेत्रीय सिनेमा की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि गढ़वाली फिल्मों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए ताकि उत्तराखंड की लोक संस्कृति देश-विदेश तक अपनी अलग पहचान बना सके। कार्यक्रम के दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी,जिला व्यापार सभा अध्यक्ष बासुदेव कंडारी,नगर निगम पार्षद प्रवेश चमोली,संगीत कलाकार वीरलाल,व्यापार सभा अध्यक्ष दिनेश असवाल तथा वरिष्ठ रंगकर्मी विमल बहुगुणा को भी शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन समिति के संरक्षक रमेश चंद थपलियाल ने प्रभावशाली अंदाज में किया। उन्होंने कहा कि भागीरथी कला संस्था लगातार सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मंच देने का कार्य कर रही है। इस अवसर पर समिति के भगत सिंह बिष्ट,दीनबंधु सिंह चौहान,हरिप्रसाद उनियाल,धर्मेंद्र कुमार,राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल,रघुवीर सिंह रावत,मुकेश नौटियाल,संजय कोठारी,हरेंद्र तोमर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। वहीं फिल्म के सह-निर्देशक अरुण कठैत और एडिटर शुभम रावत ने भी फिल्म निर्माण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने फिल्म बैमि शंख को गढ़वाली संस्कृति और लोक जीवन को समर्पित एक सराहनीय प्रयास बताते हुए निर्माता-निर्देशक मदन गोड़ाई और उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं।