हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा के बढ़ते दबाव,यात्रियों की सुरक्षा और स्थानीय व्यापार को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से श्रीनगर गढ़वाल में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। नगर निगम श्रीनगर और प्रशासन ने महापौर आरती भण्डारी के सुझाव एवं पहल पर मुख्य बस अड्डे के समीप खाली भूमि को पार्किंग के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। इसके तहत भूमि समतलीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। माना जा रहा है कि यह कदम न केवल चारधाम यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा,बल्कि श्रीनगर की आर्थिकी और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। चारधाम यात्रा सीजन के दौरान लगातार बढ़ रही वाहनों की संख्या और धामों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रशासन द्वारा श्रीनगर को पुनः एक व्यवस्थित यात्रा पड़ाव के रूप में विकसित करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। वर्षों बाद अब श्रीनगर की रातें फिर से रौनक से भरने लगी हैं। यात्रियों के रात्रि ठहराव की व्यवस्था लागू होने के बाद होटल,रेस्टोरेंट,चाय-नाश्ते की दुकानें,टैक्सी संचालक,फल विक्रेता और छोटे व्यापारी फिर से सक्रिय दिखाई देने लगे हैं। देर रात तक बाजारों में चहल-पहल और कारोबार बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों में उत्साह का माहौल है। नगर निगम द्वारा पार्किंग निर्माण के लिए शुरू किए गए कार्य के दौरान आसपास फैली गंदगी पर भी सख्त कार्रवाई की गई। निगम टीम ने अव्यवस्था फैलाने वाले दुकानदारों के खिलाफ चालानी कार्रवाई कर साफ संदेश दिया कि यात्रा सीजन में शहर की स्वच्छता और व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। महापौर आरती भण्डारी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी और धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है तथा श्रीनगर गढ़वाल ऐतिहासिक रूप से यात्रा का प्रमुख पड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है। नई पार्किंग बनने से जहां शहर में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी,वहीं यात्रियों को सुरक्षित ठहराव और बेहतर यातायात सुविधा भी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि श्रीनगर केवल यात्रा मार्ग का शहर नहीं,बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केंद्र भी है। यहां स्थित धारी देवी मंदिर,कमलेश्वर मंदिर और नागेश्वर मंदिर,कंसमर्दनी मंदिर,कटकेश्वर महादेव जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन का लाभ भी यात्रियों को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि शहर में होटल,पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं,जिनका लाभ यात्रियों तक पहुंचाया जाना आवश्यक है। जानकारी के अनुसार महापौर आरती भण्डारी ने उपजिलाधिकारी नुपुर वर्मा को सुझाव दिया था कि धामों में बढ़ते दबाव को कम करने तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें रात्रि में श्रीनगर में रोका जाए। इसके बाद प्रशासन और पुलिस द्वारा श्रीनगर बाजार चौकी एवं पौड़ी चुंगी के पास बैरियर लगाकर देर रात वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। अब रात्रि 10 बजे के बाद वाहनों को अगली सुबह तक श्रीनगर में रोका जा रहा है। उपजिलाधिकारी नुपुर वर्मा ने बताया कि मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के निर्देशों तथा महापौर के सुझावों के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि जून माह में यात्रा और बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पार्किंग स्थलों को भी चिह्नित किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 100 से अधिक वाहनों को रात में रोका जा रहा है,जिससे धामों और संवेदनशील पड़ावों पर भीड़ का दबाव कम हो रहा है। साथ ही रात के समय पहाड़ी मार्गों पर यात्रा से जुड़े जोखिमों को भी कम किया जा सकेगा। स्थानीय व्यापारियों और शहरवासियों ने नगर निगम एवं प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि यह व्यवस्था भविष्य में भी प्रभावी रूप से जारी रहती है तो श्रीनगर गढ़वाल पुनः चारधाम यात्रा का प्रमुख एवं व्यवस्थित पड़ाव बन सकता है। उनका मानना है कि इससे होटल व्यवसाय,परिवहन,पर्यटन और छोटे व्यापारों को स्थायी लाभ मिलेगा तथा शहर की आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती प्राप्त होगी। इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी,मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार,अधिशासी अभियंता पवन कोठियाल,पार्षद दीपक कुमार सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।